मुसरीघरारी से पहले ही एनएच में जुड़ेगा कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल
योजना. गंगा नदी पर देश के सबसे लंबे छह लेन पुल का होगा निर्माण 31 जनवरी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पुल के कार्यारंभ का करेंगे उद्घाटन पटना : कच्ची दरगाह व बिदुपुर के बीच गंगा नदी पर देश का सबसे लंबा छह लेन पुल के निर्माण से महात्मा गांधी सेतु पर भार कम होगा. इस […]
योजना. गंगा नदी पर देश के सबसे लंबे छह लेन पुल का होगा निर्माण
31 जनवरी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पुल के कार्यारंभ का करेंगे उद्घाटन
पटना : कच्ची दरगाह व बिदुपुर के बीच गंगा नदी पर देश का सबसे लंबा छह लेन पुल के निर्माण से महात्मा गांधी सेतु पर भार कम होगा. इस पुल के निर्माण के बाद उत्तर बिहार की ओर जानेवाले को बड़ी राहत मिलेगी.नये पुल का निर्माण पटना साइड में कच्ची दरगाह के समीप सबलपुर से शुरू होगा जो वैशाली साइड में बिदुपुर स्थित चकसिकंदर व गाजीपुर चौक के बीच जुड़ेगा.
नये पुल की कनेक्टिविटी हाजीपुर : मुसरीघरारी एनएच-103 से चकसिकंदर में होगा. इससे पहले हाजीपुर-महनार रोड स्टेट हाइवे 93 की कनेक्टिविटी नये पुल से करने के लिए रैंप सड़क बनेगी.
ताकि आसपास के लोगों को इसका फायदा होगा. इस पुल के बन जाने से उत्तर बिहार से झारखंड की ओर जाना भी आसान होगा. गंगा के उस पार राघोपुर सहित आसपास के दियारावासी को भी इस पुल का सीधा लाभ होगा. अभी इस इलाके के लोगों के लिए नाव या फिर पीपा पुल आवागमन का सहारा है. खासकर बरसात में काफी कठिनाई होती है जब पीपा पुल खोल दिया जाता है. उस समय केवल नाव सहारा होता है. राघोपुर में नये पुल से उतरने व पुल पर चढ़ने के लिए पर रैम्प सड़क बनेगा.
31 को कार्य आरंभ का होगा उद्घाटन
कच्ची दरगाह- बिदुपुर के बीच पुल पुल के निर्माण का कार्य आरंभ 31 जनवरी को होगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इसका उद्घाटन करेंगे. इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव सहित राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद व अन्य स्थानीय नेता शामिल होंगे. पुल के कार्य आरंभ समारोह की तैयारी चल रही है.
राघोपुर साइड में मोहनपुर रेफरल अस्पताल में समारोह आयोजित होगा. नये पुल के बनने से महात्मा गांधी सेतु पर भार कम होगा. महात्मा गांधी सेतु पर लगनेवाले जाम से लोगों को निजात मिलेगी. नये पुल के निर्माण होने से उस पर भारी वाहनों का परिचालन शुरू हो पायेगा. अभी महात्मा गांधी सेतु पर भारी वाहनों का परिचालन बंद है.
चार साल में बन कर हो जायेगा तैयार
यह पुल चार साल में तैयार होगा. पुल की लंबाई 9.76 किलोमीटर है. पुल के दोनों ओर 13 किलोमीटर एप्रोच रोड बनेगा. पटना साइड में डेढ़ किलोमीटर व वैशाली साइड में साढ़े आठ किलोमीटर एप्रोच रोड बनेगा. पुल के दोनों ओर एप्रोच रोड बनाने में 312 एकड़ जमीन की जरूरत है. पुल निर्माण का ठेका कोरिया की कंपनी देवू व भारत की कंपनी एल एंड टी को मिला है. पुल के निर्माण में 4988 करोड़ खर्च है.
इसमें जमीन अधिग्रहण पर 696 करोड़ खर्च है. पुल के निर्माण के लिए एडीबी से 3000 करोड़ ऋण मिलेगा.
बिहार राज्य पथ विकास निगम की देखरेख में कच्ची-दरगाह बिदुपुर पुल का निर्माण हो रहा है.
