इंटर परीक्षा के दौरान 71 परीक्षार्थी निष्कासित, 14 फर्जी अभ्यर्थी पकड़े गये

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से आयोजित इंटर वार्षिक परीक्षा 2026 शुक्रवार को संपन्न हो गयी

– चार साल से निष्कासन में आयी कमी, फर्जी अभ्यर्थी भी कम पकड़े गये

-सबसे अधिक नवादा से 27 परीक्षार्थी नकल के आरोप में व छह फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गये

-मूल्यांकन कार्य 27 फरवरी से होगी शुरू

संवाददाता, पटना:

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से आयोजित इंटर वार्षिक परीक्षा 2026 शुक्रवार को संपन्न हो गयी. दो से 13 फरवरी तक दो पालियों में आयोजित इस परीक्षा में राज्यभर के 1,762 केंद्रों पर कुल 13 लाख, 17 हजार 846 परीक्षार्थी शामिल हुए. जिसमें छह लाख, 75 हजार 844 छात्राएं और छह लाख 42 हजार 002 छात्र भाग लिया. अंतिम दिन अतिरिक्त विषय समूह के अंतर्गत विभिन्न विषयों की परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से करायी गयी. इंटर परीक्षा के सफल संचालन के लिए समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने सभी जिलों के जिला पदाधिकारियों, पुलिस अधीक्षक, शिक्षा पदाधिकारियों के साथ सभी केंद्राधीक्षक, दंडाधिकारियों, वीक्षकों, पुलिस बल व परीक्षा में जुड़े सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया. परीक्षा के बाद मूल्यांकन कार्य 27 फरवरी से शुरू हो जायेगा.

जिलावार आंकड़ों में नवादा से सर्वाधिक फर्जी व निष्कासित हुए:

समिति द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, परीक्षा अवधि के दौरान 20 जिलों से कुल 71 परीक्षार्थियों को कदाचार के आरोप में निष्कासित किया गया. जिलावार आंकड़ों में नवादा सबसे आगे रहा, जहां सर्वाधिक 27 परीक्षार्थियों को बाहर किया गया. जहानाबाद और गोपालगंज में 6-6, सुपौल में 4, जबकि मधेपुरा, भागलपुर, अररिया, रोहतास और भोजपुर में 3-3 परीक्षार्थियों पर कार्रवाई की गयी. अरवल व नालंदा से दो-दो, वहीं, गया, कटिहार, सिवान, पटना, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सारण, शिवहर, लखीसराय से एक-एक परीक्षार्थियों को निष्कासित किया गया. अन्य जिलों से निष्कासन की संख्या शून्य रही. वहीं, सख्ती का असर यह रहा कि परीक्षा के दौरान 14 फर्जी अभ्यर्थियों को भी पकड़ा गया. इनमें नवादा से 6, नालंदा से 2, जबकि शेखपुरा, गया, सहरसा, रोहतास, लखीसराय और समस्तीपुर से एक-एक फर्जी परीक्षार्थी पकड़े गये. पिछले वर्ष 2025 की इंटर परीक्षा में 140 परीक्षार्थी निष्कासित हुए थे और 16 फर्जी अभ्यर्थी पकड़े गये थे. इस वर्ष निष्कासन और फर्जीवाड़े के मामलों में कमी आयी है. पिछले साल की तुलना में इस बार 69 अभ्यर्थी कम निष्कासित किये गये हैं. वहीं, फर्जी अभ्यर्थियों में भी कमी आयी है. पिछले वर्ष 16 तो इस वर्ष 14 फर्जी अभ्यर्थी पकड़े गये हैं. समिति ने इस कमी को प्रशासनिक सख्ती और व्यापक निगरानी व्यवस्था का परिणाम माना है. समिति ने बताया कि परीक्षा के सफल संचालन के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, वीडियोग्राफी और उड़नदस्ता टीमों की तैनाती की गयी थी. पटना जिले में 73,963 परीक्षार्थियों के लिए 84 परीक्षा केंद्र बनाये गये थे. समिति के अधिकारियों ने परीक्षा के शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित आयोजन पर संतोष जताते हुए कहा कि पारदर्शिता और कदाचारमुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए आगे भी इसी तरह की सख्ती जारी रहेगी.

पिछले कुछ वर्षों के निष्कासन की स्थिति

वर्ष: निष्कासन: फर्जी

2026: 71: 14

2025: 140: 16

2024: 205: 45

2023: 361: 40

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लेखक के बारे में

Author: ANURAG PRADHAN

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