दो से तीन मई तक सरकारी स्कूलों में 51389 शिक्षकों की होगी पोस्टिंग

दो से तीन मई तक सरकारी स्कूलों में 51389 शिक्षकों की होगी पोस्टिंग

संवाददाता, पटनाशिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डा एस सिद्धार्थ ने शनिवार शिक्षा की बात, हर शनिवार कार्यक्रम के दौरान कहा है कि सरकारी स्कूलों में 51389 शिक्षकों की पोस्टिंग दो और तीन मई तक होगी.शिक्षकों की नियुक्ति ऐसे स्कूलों में होगी, जहां पर छात्रों की अपेक्षा टीचरों की संख्या कम है. उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में स्थित स्कूलों पर विशेष ध्यान दिया जायेगा. शुक्रवार एवं शनिवार को टीआरई 3 पास शिक्षकों की पोस्टिंग की प्रक्रिया पूरा किया जायेगा. साथ ही बीपीएससी द्वारा नियुक्त शिक्षकों को अन्य शिक्षक की तरह ही मेडिकल छुट्टी और मातृत्व अवकाश दिया जायेगा.

अपर मुख्य सचिव ने कहा कि टीचर ऑफ मंथ की तरह ही स्टूडेंट ऑफ वीक का चुनाव किया जायेगा. इन छात्रों को प्रशस्त्ति पत्र दिया जायेगा.वहीं,इनके कामों को स्कूल के डिस्प्ले पर दिखाया जायेगा. उन्होंने कहा कि एक ही कैंपस में स्थित दो या दो से अधिक स्कूलों को मर्ज किया जायेगा. इस मामले में सभी जिलों के डीइओ को भी निर्देशित किया गया है.स्कूलों के मर्ज करने के तरीके के बारे में भी जानकारी दी गई है.

हेड मास्टरों से मांगी जानकारी

जुलाई महीने तक स्कूलों में बाउंड्रीवाल, भवन, फर्निचर, ब्लैक बोर्ड, शौचालय, पेयजल, गेट, दरवाजा, खिड़की सहित अन्य स्ट्रेचर की पूरी मरम्मत हो जायेगी. इसके लिए सभी स्कूलों के हेडमास्टर से स्कूल की वास्तविक स्थिति के बारे में जानकारी मांगी गयी है. इस दौरान छात्रों की संख्या, शिक्षक की संख्या, आवश्यकता अनुसार शौचालय, परिसर की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी गयी है. बैगलेस सैटरडे का नया शेड्यूल तैयार किया जायेगा. जिससे शिक्षा विभाग के बेवसाइट पर अपलोड किया जायेगा. जिसके आधार पर स्कूलों में बैगलेस के तहत पढ़ाई होगी.

शिक्षक मौखिक, लिखित के साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग करेंगे करेंगे : शिक्षा विभाग

सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को छह दिनों के प्रशिक्षण के दौरान दो स्कूलों से संबंध किया जायेगा. शिक्षक मौखिक, लिखित के साथ प्रैक्टिकल करेंगे. ट्रेनिंग के दौरान शिक्षक क्या सीखे है, उसे संबंधित स्कूल में छात्रों को पढ़ायेंगे. इस दौरान अधिकारी उनकी रिपोर्ट तैयार करेंगे. इसके आधार पर रैकिंग होगी. इसके लिए शिक्षा विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किया है. प्रैक्टिकल दौरान यदि शिक्षक छात्रों को सही तरीके से नहीं पढ़ाते है, तो दोबारा से ट्रेनिंग दी जायेगी. ट्रेनिंग में शिक्षण कौशल विकास के तहत कक्षा प्रबंधन, शिक्षण रणनीति, छात्रों के साथ प्रभावी ढंग से बातचीत करने के बारे में बताया जाता है. साथ ही कंप्यूटर, टैब, इंटरनेट के प्रयोग के बारे में बताया जाता है.

ट्रेनिंग के दौरान शिक्षकों को शिक्षा नीतियों में होने वाले बदलाव के बारे में जानकारी दी जायेगी

ट्रेनिंग के दौरान ही शिक्षकों को शिक्षा नीतियों में होने वाले बदलाव के बारे में जानकारी दी जायेगी. वहीं, स्कूल में शिक्षक पढ़ाई के साथ ही दूसरे अन्य गतिविधियों में शामिल होंगे. इसमें मातृ भाषा में पढ़ाने के तरीके के बारे में बताया जायेगा.इससे छात्र अपनी भाषा के बारे में जानकारी रखने के साथ ही बोल-चाल की भाषा में विषय के बारे में जानकारी ले सकेंगे.इसके साथ ही छात्रों को खेल एवं बाद्य यंत्र की ट्रेनिंग दी जायेगी. स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम के प्रत्येक छात्र को गतिविधियों में शामिल होने के बारे में भी बताया जायेगा. जिससे स्कूल में पढ़ाई के साथ ही छात्र दूसरे गतिविधियों में शामिल हो सकें.

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Published by: Mithilesh kumar

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