दिल्ली में मिला छात्र, पड़ोसी निकला अपहर्ता

पटना: कंकड़बाग थाने के चांदमारी रोड से छह मई को अगवा किये गये निजी स्कूल के छठी क्लास के छात्र कुंदन कुमार (14) को पुलिस ने दिल्ली से मंगलवार की शाम बरामद कर लिया. पुलिस ने अपहर्ता अजय कुमार (महावीर कॉलोनी, आलमगंज) को पकड़ लिया. खास बात यह है कि अजय कुमार उसी मकान में […]

पटना: कंकड़बाग थाने के चांदमारी रोड से छह मई को अगवा किये गये निजी स्कूल के छठी क्लास के छात्र कुंदन कुमार (14) को पुलिस ने दिल्ली से मंगलवार की शाम बरामद कर लिया. पुलिस ने अपहर्ता अजय कुमार (महावीर कॉलोनी, आलमगंज) को पकड़ लिया. खास बात यह है कि अजय कुमार उसी मकान में किरायेदार है, जहां कुंदन भी अपने पिता व ठेकेदार धर्मेद्र राय व अन्य परिजनों के साथ रहता है. अजय कंकड़बाग के पंचशिव मंदिर के पास पूजा सामग्री बेचने का काम करता था और आलमगंज के बजाय चांदमारी रोड में राम सिंहासन सिंह के मकान में रहता था.

सदर डीएसपी रमाकांत प्रसाद ने छात्र की सकुशल बरामदगी के साथ ही अपहर्ता को पकड़ने की बात कही. अजय को पड़ोसी होने के कारण छात्र पहचानता था. इससे अपहर्ता को पकड़ने में पुलिस को मदद मिली. अजय ने पूर्व नियोजित साजिश के तहत अपना सारा सामान पांच मई को ही बेच दिया और अजय को दिल्ली घुमाने का झांसा देकर छह मई को उसे लेकर निकल गया. अचानक कुंदन के गायब होने की घटना के बाद परिजनों ने हर संभावित जगहों पर उसकी खोज की, लेकिन वह नहीं मिला. इसी बीच सात मई को कुंदन के ही मोबाइल फोन से किसी अज्ञात ने फोन कर तीन लाख की फिरौती मांगी और बताया कि वह उसके पास है.

शुरू में तो परिजनों को विश्वास नहीं हुआ कि उनके बच्चे का कोई अपहरण कर सकता है, क्योंकि धर्मेद्र मजदूरों की ठेकेदारी का काम करते हैं और आर्थिक स्थिति भी सामान्य है. जब आठ मई को भी उनका बेटा वापस नहीं लौटा और फिर से फिरौती का फोन आने लगा तो नौ मई को कंकड़बाग थाना पुलिस को तमाम जानकारी देते हुए अपहरण की प्राथमिकी दर्ज करा दी. इसके पूर्व अजय ने कुंदन को वापस घर भेजने के नाम पर मोबाइल फोन का रिचार्ज भी कराया.

अपहृत से करा रहा था मजदूरी : मामला दर्ज होने के बाद सदर डीएसपी रमाकांत प्रसाद के नेतृत्व में कंकड़बाग थानाध्यक्ष अतनु दत्ता की टीम ने अनुसंधान शुरू कर दिया. पुलिस ने मोबाइल फोन की जानकारी ली तो पता चला कि उसका लोकेशन दिल्ली का है. इसके बाद धर्मेद्र राय को फिरौती की रकम देने के लिए फोन पर जानकारी देने को कहा गया. उन्होंने अपहर्ता को फिरौती की रकम देने के लिए जगह पूछा.

इस पर उन लोगों को दिल्ली बुलाया गया. पुलिस भी सादे वेश में धर्मेद्र राय के साथ लग गयी. दिल्ली पहुंचने पर अजय ने कई बार अपना लोकेशन बदला, लेकिन अंतत: पुलिस को उसे पकड़ने में सफलता मिली. उसकी निशानदेही पर कुंदन को बरामद कर लिया. अजय ने कुंदन को अपहरण करने के बाद उसे मजदूरी के काम में लगा दिया था. उसके साथ मारपीट भी की गयी थी. बुधवार की सुबह पुलिस कुंदन को अपने साथ लेकर पटना चली आयी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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