DEO रजनीकांत के ठिकानों से मिले 3.52 करोड़ कैश, जमीन-हॉस्पिटैलिटी में निवेश के मिले सबूत

3.52 crore cash found from DEO Rajnikanth: विजिलेंस विभाग की टीम ने पश्चिम चंपारण के DEO रजनीकांत प्रवीण के ठिकानों से 3.52 करोड़ रुपये नगद बरामद किया है. टीम को इसके ठिकानों से कई अहम दस्तावेज भी मिले हैं.

3.52 crore cash found from DEO Rajnikanth: पश्चिम चंपारण के DEO रजनीकांत प्रवीण के ठिकानों से 3.52 करोड़ रुपये कैश मिले हैं. इनमें तीन करोड़ रुपये से अधिक कैश दरभंगा स्थित डीइओ की पत्नी सुषमा कुमारी के आवास से बरामद हुए हैं. डीइओ के बेतिया स्थित आवास से करीब 50 लाख रुपये नकद बरामद होने की बात कही गयी है. शुक्रवार को विशेष निगरानी इकाई के एडीजी पंकज दराद ने नोटों की गिनती पूरी हो जाने के बाद इसकी पुष्टि की. एवीयू के अधिकारियों के मुताबिक डीइओ के ठिकानों से पटना सहित विभिन्न जिलों व राज्य के बाहर जमीन खरीदे जाने संबंधित कई दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी पड़ताल हो रही है. इसके साथ ही रजनी कांत प्रवीण तथा उनकी पत्नी व बच्चों के नाम पर विभिन्न बैंकों में लॉकर, 10 बैंक खाता एवं बैंक एफडी में निवेश संबंधित दस्तावेजों को भी खंगाला जा रहा है.

होटल और परिवहन के बिजनेस में किया काली कमाई का निवेश

गुरुवार को एसवीयू की जांच में डीइओ के बेतिया, मधुबनी, दरभंगा और समस्तीपुर के ठिकानों पर हुई छापेमारी में दर्जनों जमीन खरीद के दस्तावेज मिले हैं. इसके साथ ही काली कमाई का होटल, परिवहन आदि में निवेश किए जाने संबंधित प्रमाण मिले. दस्तावेजों के मुताबिक डीइओ ने पटना में रिसॉर्ट खोलने और बस की खरीद को लेकर भी काली कमाई का इस्तेमाल किया है. इसके साथ ही बगहा, दरभंगा, समस्तीपुर में भी बड़ी संख्या में जमीन की खरीद की गयी है. इनका बाजार मूल्य काफी अधिक है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी में पत्नी के स्कूल का व्यवसाय

इकाई के अनुसंधान के मुताबिक डीइओ की पत्नी सुषमा कुमारी एक संविदा शिक्षिका थीं. बाद में उन्होंने यह सेवा छोड़ दी और स्कूल का व्यवसाय शुरू कर दिया. वर्तमान में वह दरभंगा के ओपन माइंड बिरला स्कूल की निदेशक सह मालिक हैं. यह स्कूल उनके नाम पर खरीदी गयी जमीन पर ही बना है. इसके साथ ही समस्तीपुर और मधुबनी में भी उनका व्यवसाय संचालित है. अपनी 20 साल की सेवा के दौरान डीइओ इन तीनों जिलों में लंबे समय तक पदस्थापित रहे थे. नालंदा के रहने वाले रजनीकांत प्रवीण बीते करीब तीन साल से पश्चिम चंपारण के डीइओ पद पर तैनात थे.

इसे भी पढ़ें: नीतीश कुमार से लेकर मंत्री तक के अटके बिल, सम्राट चौधरी ने बताया कब तक होगा सबकुछ ठीक

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >