सब कुछ वर्तमान प्लान के अनुसार चला, तो पटना शहर में 2021 तक मेट्रो रेल दौड़ने लगेगी. करीब 12 हजार करोड़ की लागत से पटना शहर में 28 किमी की दूरी में दौड़ेगी मेट्रो रेल. मेट्रो सेवा को मूर्तरूप देने के लिए बुधवार को होटल चाणक्य में देश के निवेशकों का सम्मेलन आयोजित किया गया.मुख्यमंत्री की मौजूदगी में पटना मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के लिए हुआ निवेशक मीट पटना के बाद भागलपुर, मुजफ्फरपुर व गया में चलाने पर होगा विचारसंवाददाता, पटनाइनवेस्टर मीट में आयी कंपनियों के प्रतिनिधियों को आश्वस्त करते हुए मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि कोई भी बाधा दूर करने में सरकार उनका दिल खोल कर सहयोग करेगी. साथ ही उन्होंने कहा कि पटना में मेट्रो की शुरुआत अच्छी रही, तो इसका विस्तार कर फतुहा और दानापुर समेत अन्य निकटवर्ती शहरों को भी इससे जोड़ा जायेगा और पटना के बाद भागलपुर, गया और मुजफ्फरपुर में भी मेट्रो सेवा शुरू करने पर विचार होगा. उन्होंने कहा कि पटना शहर तेजी से नगर का रूप लेता जा रहा है. इसकी आबादी बढ़ कर करीब 22 लाख तक पहुंच चुकी है. जनसंख्या के घनत्व के हिसाब से बिहार का औसत राष्ट्रीय औसत से दोगुना है. यहां 1100 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी में निवास करते हैं. ऐसी स्थिति में दो, चार या 10 लेन की सड़क बना देने से भी यातायात में बाधा दूर नहीं होगी. मेट्रो रेल ही इसका सबसे सटीक विकल्प है. उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट पूर्व सीएम नीतीश कुमार की परिकल्पना है. उनके सपने को साकार करने की हमने कोशिश की है. इस प्रोजेक्ट में फिलहाल शहर के उन क्षेत्रों को शुरू में चुना गया है, जो काफी व्यस्त, भीड़-भाड़ वाले या आर्थिक रूप से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं.
अगले चरण में दानापुर व फतुहा भी जुड़ेंगे
सब कुछ वर्तमान प्लान के अनुसार चला, तो पटना शहर में 2021 तक मेट्रो रेल दौड़ने लगेगी. करीब 12 हजार करोड़ की लागत से पटना शहर में 28 किमी की दूरी में दौड़ेगी मेट्रो रेल. मेट्रो सेवा को मूर्तरूप देने के लिए बुधवार को होटल चाणक्य में देश के निवेशकों का सम्मेलन आयोजित किया गया.मुख्यमंत्री […]
