शहर में बगैर पुलिस कोड के चल रहे 17 हजार ऑटो

ऑटो गैंग की करतूत हमेशा सामने आती है. इसके बावजूद इस मामले को पुलिस गंभीरता से नहीं लेती है.

पटना. ऑटो गैंग की करतूत हमेशा सामने आती है. इसके बावजूद इस मामले को पुलिस गंभीरता से नहीं लेती है. अगर बिना पुलिस कोड के ऑटो दिखता है, तो उन पर कार्रवाई नहीं होती है, जिसके कारण आम ऑटो वालों में शामिल होकर क्राइम करते हैं. शहर में 35 हजार ऑटो चलता है, जिनमें से 17 हजार ऑटो बगैर पुलिस कोड़ के चलते हैं. जंक्शन से पटना सिटी व फुलवारीशरीफ की ओर चलने वाले कई ऑटो में नहीं है पुलिस कोड : पटना जंक्शन से पटना सिटी व फुलवारीशरीफ चलने वाले कई ऑटो में पुलिस कोड नहीं है. ऑटो पटना जंक्शन, जीपीओ गोलंबर से दिन व रात में चलते हैं. यह गैंग पटना जंक्शन के सामने व करबिगहिया छोर में सक्रिय रहते हैं. गैंग वैसे लोगों को टारगेट करते हैं जो ट्रेन से उतर कर गंतव्य की ओर जाते हैं. साथ ही वेशभूषा से ग्रामीण लगते हैं. महिलाएं भी इनके टारगेट में रहती हैं. कोतवाली थानाध्यक्ष अजय कुमार ने ऑटो यूनियनों के साथ बैठक की थी. बैठक में निर्देश दिया था कि सभी चालक अपने ऑटो का पुलिस काेड आवश्यक कागजात दिखा कर ले लें. इसके बावजूद कई ऑटो चालकों ने कोड लेने में रूचि नहीं दिखायी.

हरियाणा की निजी कंपनी कर्मी से लूटपाट में नहीं पकड़ा गया गैंग :

ऑटो गैंग ने हरियाणा में एक निजी कंपनी में काम करने वाली महिला ज्योति सिन्हा को हनुमान नगर पहुंचाने के बजाय दीदारगंज टॉल प्लाजा के पास ले जाकर लूटपाट की. बदमाशों ने सोने की चेन छीन ली थी. महिला ने ऑटो से छलांग लगाकर खेतों में भागकर जान बचायी थी. यह घटना 16 दिसंबर की रात हुई थी.

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By KUMAR PRABHAT

KUMAR PRABHAT is a contributor at Prabhat Khabar.

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