राज्य के 155 स्कूलों पानी पीने की व्यवस्था नहीं, इसमें पटना जिले के 30 स्कूल भी शामिल

पटना जिले में 3400 स्कूलों में से 30 स्कूलों में पानी की व्यवस्था नहीं है. जहां है वहां का पानी पीने लायक भी नहीं है.

आसपास के स्कूलों में पानी पीने को मजबूर बच्चे, आरटीआइ से हुआ खुलासा संवाददाता,पटना : पटना जिले में 3400 स्कूलों में से 30 स्कूलों में पानी की व्यवस्था नहीं है. जहां है वहां का पानी पीने लायक भी नहीं है. जबकि शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी स्कूलों में बोरिंग कराने और हैंड पंप लगाने का दावा किया है. इसका खुलासा सूचना के अधिकार (आरटीआइ) के तहत राकेश कुमार राय की ओर से पूछे प्रश्नों के उत्तर में हुआ है. शिक्षा विभाग ने स्वीकार किया है राज्य के 155 स्कूलों में पानी की व्यवस्था नहीं है. राज्य में सरकारी प्रारंभिक एवं माध्यमिक स्तर के कुल 76,798 स्कूल हैं. इनमें 155 स्कूल ऐसे है जहां बच्चों के लिए पीने की पानी की व्यवस्था नहीं है. इनमें पटना जिले में 30 स्कूलों में भी पानी की व्यवस्था नहीं है. विभाग ने कहा है कि 76,798 स्कूलों में से 76,643 में पीने लायक पानी की व्यवस्था है. इसमें से 75,390 स्कूलों में हैंड पंप और 36,863 स्कूलों के बच्चे सप्लाई (टेप) का पानी पीते हैं. इससे स्पष्ट है कि 155 स्कूलों में पढ़ाई कर रहे बच्चे कैसे पानी पीते होंगे. विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जहां पानी की व्यवस्था नहीं है वहां बच्चों को पानी के लिए स्कूल के बाहर जाना पड़ता है या बगल के घर और सामुदायिक भवन में जाकर पानी पीते हैं. ——– अगस्त-सितंबर के अंत तक इन सभी स्कूलों में लगेंगे हैंडपंप जिन 155 स्कूलों में पीने की पानी की व्यवस्था नहीं है वहां शिक्षा विभाग की ओर से हैंड पंप लगाने की व्यवस्था की जा रही है. विभागीय अधिकारी ने बताया कि अगस्त-सितंबर के अंत तक चिन्हित स्कूलों में हैंड पंप लगा दिया जायेगा. पटना जिले में स्थित 30 स्कूल वैसे जो जहां पानी व्यवस्था नहीं है, सभी स्कूल ग्रामीण क्षेत्र में आते हैं. यहां भी फिलहाल हैंड पंप के जरिए बच्चों को स्वच्छ पानी देने की व्यवस्था की जा रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Durgesh kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >