पटना सिटी : तख्तश्री हरिमंदिर जी पटना साहिब में शनिवार को प्रबंधक कमेटी के पूर्व वरीय उपाध्यक्ष सरदार रणजीत सिंह उर्फ आरएस जीत को पंच प्यारों ने दरबार में सुनवाई कर तनखैया से दोष मुक्त किया है. पंच प्यारों की ओर से जत्थेदार ज्ञानी रंजीत सिंह गौहर-ए-मस्कीन की देखरेख में सुनवाई हुई. जिसमें हेड ग्रंथी भाई राजिंदर सिंह सीनियर मीत ग्रंथी बलदेव सिंह दिलीप सिंह व गुरु दयाल सिंह ने सुनवाई के बाद एक घंटा कीर्तन सुनने व 501 रुपये का कड़ाह प्रसाद की सजा करा तनखैया से दोष मुक्त किया.
दरअसल सात जनवरी 2014 को खालसा पंथ के संस्थापक श्री गुरु गोविंद सिंह महाराज की 347वें प्रकाश उत्सव के दौरान विशेष पंडाल के मंच पर हुई तलवार बाजी में जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह खालसा समेत चार लोग जख्मी हुए थे. वर्तमान कमेटी के अध्यक्ष रणजीत सिंह गांधी, महासचिव चरणजीत सिंह, वरीय उपाध्यक्ष सरदार रणजीत सिंह उर्फ आरएस जीत व कनीय उपाध्यक्ष महाराजा सिंह सोनू को पंच प्यारों की ओर से तनखैया घोषित किया गया था.
इसके बाद अकाल तख्त से बीते वर्ष सितंबर में आये पत्र के आलोक में प्रबंधक कमेटी के प्रधान अवतार सिंह हित ने पांच सदस्यीय कमेटी बनायी, जिसकी रिपोर्ट के बाद हुई सुनवाई में चारों को दोषमुक्त किया गया
इससे पहले पंद्रह फरवरी को तीन पूर्व पदाधिकारी पूर्व अध्यक्ष रंजीत सिंह गांधी, पूर्व महासचिव चरणजीत सिंह व पूर्व कनीय उपाध्यक्ष महाराजा सिंह सोनू को एक घंटा कीर्तन सुनने व 501 रुपये का कड़ाह प्रसाद की सजा करा तनखैया से दोष मुक्त किया था. लेकिन कमेटी के पदधारकों ने यह कहते हुए मानने से इन्कार कर दिया कि जत्थेदार निलंबित थे, ऐसे में वह तनखैया का आदेश नहीं मानेंगे.
