पटना : प्रदेश के विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों की भर्ती के लिए मेरिट लिस्ट तय करने के तकनीकी आधार तय हो गये हैं. तय फार्मूला के तहत कुल 115 अंकों में से अभ्यर्थियों की रैंकिंग तय की जायेगी.इसमें 100 अंक कैरियर(शैक्षणिक एवं अनुसंधान से जुड़ी उपलब्धियों ) के होंगे.
15 अंक पीएचडी के होंगे. राजभवन में तीन कुलपतियों की सदस्यता वाली समिति की सोमवार को एक मैराथन बैठक हुई. जिसमें सर्व सम्मति से सहायक प्राध्यापकों के चयन के लिए तकनीकी आधार को हरी झंडी दी गयी.
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक कमेटी की तरफ से की गयी इन अनुशंसाओं को प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से औपचारिक कमेंट मांगे जायेंगे. उनके इनपुट को उसमें स्वीकार किया जा सकता है. इसके बाद राज्यपाल की अंतिम मंजूरी के बाद इसे परिनियम के रूप में प्रभावी किया जायेगा. कुलपतियों की समिति में मुंगेर विवि के कुलपति प्रो रणजीत कुमार वर्मा ,मगध विवि के कुलपति राजेंद्र प्रसाद और पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राजेश सिंह शामिल थे.
उल्लेखनीय है कि इस पद के लिए नेट उत्तीर्ण और विवि अनुदान आयोग के नार्म्स के अनुरूप पीएचडी पास अभ्यर्थियों को पात्रता तय की गयी है. सूत्रों के मुताबिक कुल 115 अंकों की रैंकिंग में 15 नंबर पीएचडी के होंगे. शेष 100 नंबर में अभ्यर्थियों की कुल शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए मार्क्स तय किये गये हैं. इसमें पोस्ट ग्रेजुएट, ग्रेजुएट ऑनर्स एवं अन्य शैक्षणिक दस्तावेजों के अंक समाहित हैं. इसमें रिसर्च पेपर पर अधिकतम दस अंक दिये जायेंगे. पीएचडी के बाद अगर रिसर्च पेपर प्रकाशित किया है, उसके अंक भी दिये जायेंगे. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बिहार में सहायक प्राध्यापकों की भर्ती में विवि सेवा आयोग की गाइडलाइन का पालन होगा.
