पंडारक : पंडारक टाल इलाके के मंझला बीघा में कुख्यात विजय यादव उर्फ बहरा को गोलियों से भून दिया. यह वारदात शनिवार की रात तकरीबन नौ बजे हुई. अंधाधुन फायरिंग में कुख्यात की मौके पर जान चली गयी. बताया जा रहा है कि बहरा अपने घर के पास चबूतरे पर बैठा हुआ था. इसी बीच बाइक सवार दो अपराधी आ धमके. वहीं कुख्यात को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी.
अचानक हुई फायरिंग से ग्रामीणों के बीच अफरातफरी का माहौल बन गया. इधर वारदात को अंजाम देकर अपराधी हथियार लहराते हुए फरार हो गये. बाद में घटना की सूचना पुलिस को दी गयी. थाना प्रभारी रमन प्रकाश वशिष्ठ दलबल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे. वहीं शव को कब्जे में कर वारदात की तहकीकात शुरू की. घटना स्थल से कई खोखे बरामद किये गये.
कयास लग रहा है कि विरोधी गुट ने सुनियोजित साजिश के तहत घटना को अंजाम दिया. इस घटना के बाद टाल इलाके में एक बार फिर दहशत का माहौल कायम हो गया है. पुलिस सूत्रों की माने तो घटना के संबंध में ग्रामीण साफ तौर पर कुछ भी बताने से परहेज कर रहे हैं.
बिहारी बीघा नरसंहार का मुख्य आरोपित था
तकरीबन 12 पहले सात लोगों को गोली मारकर मौत की नींद सुला दी गयी थी. इस बड़ी घटना के बाद बहरा का टाल इलाके में आतंक का साम्राज्य कायम हो गया था. हालांकि बाद में पुलिस ने बहरा को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे डाल दिया था.
वहीं इस नरसंहार में कुख्यात आजीवन कारावास की सजा हुई थी. पुलिस का कहना है कि लंबे समय तक जेल काटने के बाद एक साल पहले वह जेल से बाहर आया था. कुख्यात पर नरसंहार के अलावा आधा दर्जन संगीन मामले दर्ज थे. जिसमें अधिकतर हत्या के मामले हैं.
