बिहार के छात्र ने बनाया मानव रहित सोलरयान मराल-2, एक्सीरॉन तकनीक से है लैस

गोपालगंज के विजय को बड़ी सफलता अरविंद चौबेकटेया (गोपालगंज) :आइआइटी के छात्र विजय शंकर को तकनीक की दुनिया में बड़ी सफलता मिली है. उन्होंने सौर ऊर्जा से चलने वाला दुनिया का पहला ऐसा मानवरहित यान (यूएवी) सोलर मराल-2 बनाया है, जो एक्सीरॉन तकनीक से लैस है. विजय शंकर द्विवेदी कटेया प्रखंड के पटखौली गांव निवासी […]

  • गोपालगंज के विजय को बड़ी सफलता
अरविंद चौबे
कटेया (गोपालगंज) :
आइआइटी के छात्र विजय शंकर को तकनीक की दुनिया में बड़ी सफलता मिली है. उन्होंने सौर ऊर्जा से चलने वाला दुनिया का पहला ऐसा मानवरहित यान (यूएवी) सोलर मराल-2 बनाया है, जो एक्सीरॉन तकनीक से लैस है.

विजय शंकर द्विवेदी कटेया प्रखंड के पटखौली गांव निवासी सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक ब्रजनाथ द्विवेदी के पुत्र हैं . इस तकनीक से यूएवी के पैनल हमेशा सूर्य की ओर होंगे और उसकी सबसे अधिक ऊर्जा ग्रहण करेंगे. इस तकनीक ने मराल-2 को दुनिया का सर्वाधिक समय तक उड़ने वाला सोलर यूएवी बना दिया है. इस सोलर यूएवी को एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग के प्रो एके घोष और डॉ जीएम कामत के दिशा निर्देश में विजय शंकर द्विवेदी ने दो साल के शोध के बाद तैयार किया है.

आइआइटी की एयर स्ट्रिप पर 18 घंटे की सफल उड़ान के बाद तकनीक को पेटेंट करा लिया गया है. 12 किलो के इस यूएवी का पेलोड के साथ उड़ते समय का वजन 20 किग्रा है. इसमें सर्विलांस निगरानी का पूरा सिस्टम मौजूद हैं. यह सोलर यूएवी सौ किमी तक लंबाई और पांच किमी तक ऊर्ध्व ऊंचाई में उड़ सकता है. इसे 250 मीटर तक ऊंचाई में उड़ने के लिए रिमोट की जरूरत होती है, फिर ऑटो पायलट तकनीक यूएवी को नियंत्रित कर लेती है. अधिकतम ऊंचाई पर भी इसके कैमरे जमीन पर हो रही हरकत पकड़ लेते हैं.

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