पटना : पटना हाइकोर्ट से बिहार स्टेट बार काउंसिल को शुक्रवार को बड़ा झटका लगा है. कोर्ट ने बिहार स्टेट बार काउंसिल में को-चैयरमैन के बनाये गये सभी पांच पदों को अवैध ठहरा दिया है. इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि अब स्टेट बार काउंसिल में केवल एक ही इनरॉलमेंट कमेटी होगी, जिसमें तीन निर्वाचित सदस्य ही रहेंगे. कोर्ट ने अन्य इनराॅलमेंट कमेटी को भी अवैध घोषित कर दिया.
जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह के एकलपीठ ने राजनाथ शर्मा द्वारा दायर रिट याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई के बाद यह आदेश दिया. कोर्ट ने बिहार स्टेट बार काउंसिल के सचिव को अदालती आदेश का पालन पांच सप्ताह में करने का निर्देश दिया है.
कोर्ट ने कहा कि एक्जिक्यूटिव कमेटी में भी केवल पांच निर्वाचित सदस्य रहेंगे. कोर्ट ने बिहार स्टेट बार काउंसिल के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के कार्यकाल को ढाई साल से घटाकर डेढ़ साल करने पर किसी भी तरह का आदेश पारित नहीं किया. कोर्ट ने कहा कि चेयरमैन और वाइस चेयरमैन का कार्यकाल क्या रहेगा, यह स्टेट बार काउंसिल के विवेक पर निर्भर करता है.
एडवोकेट एक्ट में कहीं भी इन दोनों पदों के कार्यकाल कितना रहेगा, इसका जिक्र नहीं है. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता दीनू कुमार, बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से विश्वजीत कुमार मिश्रा और बिहार स्टेट बार काउंसिल की ओर से शांतनु ने बहस में भाग लिया.
