पटना : गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए तकनीक का उपयोग आरंभ किया जा रहा है. गांव में रहनेवाले मरीजों को उनके मोबाइल पर मैसेज दिया जायेगा कि उनको कब अपनी जांच करानी है. किस तिथि को उनको किस प्रकार की सेवा मिलेगी.
यह सब उनके मोबाइल पर मैसेज दिया जायेगा. नवजात शिशुओं की माताओं के पास यह मैसेज भेजा जायेगा कि उनके बच्चे के टीकाकरण की अगली तिथि कौन -सी है. साथ ही ग्रामीण आबादी में मधुमेह व कैंसर उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों की स्क्रीनिंग भी की जायेगी.
राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा यह नयी पहल की गयी है. समिति द्वारा राज्य की 17719 एएनएम को अनमोल टैबलेट दिया गया है, जिसके माध्यम से इन सूचनाओं का संग्रह और सूचना देने का काम किया जायेगा.
इन बीमारियों का ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल तैयार कराया गया है जिसके आधार पर वहां पर चिकित्सक दवाओं का परामर्श करेंगे.
अप्रैल में आरंभ हो जायेंगी सेवाएं
गांव में सेवाएं देनेवाली एएनएम को पहले कई प्रकार के रजिस्टर को साथ लेकर चलना पड़ता था. अब इन सभी एएनएम को अनमोल टैबलेट दे दिया गया है. साथ ही उनको प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है. राज्य में अप्रैल में इस प्रकार की सेवाएं आरंभ हो जायेंगी.
राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने बताया कि अनमोल टैबलेट के माध्यम से कई प्रकार की सूचनाएं संग्रहित की जायेंगी. इसमें गर्भवती महिलाओं का ब्योरा, उनका मोबाइल नंबर, उनका पूरा पता, प्रसव पूर्व होनेवाली जांच, संस्थागत प्रसव की सूचना, नवजात बच्चे के स्वास्थ्य के आंकड़े, टीकाकरण संबंधी आंकड़े आदि दर्ज होंगे.
इसमें प्रजनन एवं स्वास्थ्य से संबंधित सेवाओं की सूचना संबंधित व्यक्ति को दी जायेगी. रियल टाइम रिपोर्टिंग से मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी आयेगी. इसके अलावा अनमोल टैबलेट में टाटा ट्रस्ट और डेल के माध्यम से एक सॉफ्टवेयर डेवलप कराया गया है जिसके माध्यम से मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कुष्ठ, क्रोनिक टीबी और तीन प्रकार की कैंसर की स्क्रिनिंग की जायेगी.
आशा को एक फाॅर्म दिया जायेगा जिसमें एक प्रश्नावली रहेगी. इसके आधार पर मरीजों के अंक तैयार किये जायेंगे. जिन मरीजों में गैर संचारी रोग जिसमें मधुमेह, टीबी, कैंसर और उच्च रक्तचाप के लक्षण पाये जायेंगे उसे आशा द्वारा एएनएम को रिपोर्ट की जायेगी.
