मुख्यमंत्री उद्यमी योजना
अतिपिछड़ा वर्ग के उद्यमियों के लिए नया संशोधन जारी
पटना : मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति,जनजाति एवं अतिपिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना के तहत दी गयी राशि की वसूली तीसरी और अंतिम किस्त के भुगतान के एक साल बाद 84 किस्तों में की जायेगी. यह वसूली बिहार स्टार्टअप फंड ट्रस्ट की तरफ से की जायेगी. इससे पहले ये वसूली परियोजना स्वीकृति के एक साल बाद की जाती थी. उद्योग विभाग ने यह निर्णय हाल ही में लिया है. इस योजना के तहत तीनों किस्तों के भुगतान में लगभग एक साल से अधिक समय लगने की वजह से निर्णय लिया गया है.
दरअसल उद्यमी इस मामले में कर्ज वापसी में लापरवाही बरत जाते थे. लिहाजा सरकार ने इस मामले में कुछ सख्त नियम जारी किये हैं. इस आशय का संकल्प हाल ही में उद्योग विभाग ने जारी किया है. इसके अतिरिक्त सभी लाभुकों के प्रशिक्षण एवं परियोजना मॉनीटरिंग सहायता के लिए प्रति इकाई 25 हजार रुपये से व्यय किये जायेंगे. इस योजना का कार्यान्वयन बिहार स्टार्टअप फंड ट्रस्ट की तरफ से किया जायेगा.
अधिकतम दस लाख रुपये दिये जाते हैं
इस योजना के तहत प्रति इकाई अधिकतम दस लाख रुपये दिये जाते हैं. यह राशि के पचास फीसदी ब्याज को शून्य मानते हुए दी जाती थी.
उल्लेखनीय है कि इस योजना में हाल ही में अतिपिछड़ा वर्ग को भी जोड़ा गया है. इसके लिए अलग से 102. 50 करोड़ रुपये मंजूर किये गये हैं. इस राशि का उपयोग इस वर्ग की आबादी के अनुरूप जिला वार लक्ष्य निर्धारित किया जायेगा. इस संबंध में हाल ही में संशोधन विभाग के सचिव नर्मदेश्वर लाल ने जारी किया है.
