पटना : राज्य में मानसिक स्वास्थ्य को रेगुलेट करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण के गठन की तैयारी आरंभ की गयी है. विशेषज्ञों के अनुसार राज्य की 10 प्रतिशत आबादी को किसी- न किसी रूप में मानसिक स्वास्थ्य में परामर्श और इलाज की आवश्यकता है. इसे देखते हुए सरकार द्वारा पारदर्शी व्यवस्था के तहत प्राधिकरण के गठन की प्रक्रिया आरंभ की गयी है.
स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्राधिकरण में गैर सरकारी सदस्यों की नियुक्ति की जानी है. इसके लिए गैर सरकारी क्षेत्र में रहकर मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम करनेवाले विशेषज्ञों से 16 मार्च तक आवेदन की मांग की गयी है.
प्राधिकरण में जिन गैर सरकारी सदस्यों की नियुक्ति की जानी है, उसमें गैर सरकारी क्षेत्र के प्रतिष्ठित मनोचिकित्सक, 15 वर्षों का मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में अनुभव रखने वाले पेशेवर, 15 वर्षों का अनुभव रखनेवाले मनोरोग सामाजिक कार्यकर्ता, 15 वर्षों का अनुभव रखने वाले क्लिनिकल मनोचिकित्सक, 15 वर्षों का अनुभव रखनेवाली मानसिक नर्स, उन व्यक्तियों के प्रतिनिधि जो मानसिक बीमारी से ग्रसित थे, मानसिक बीमारी वाले व्यक्तियों की देखभाल करनेवाले व्यक्ति, ऐसे गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि जो मानसिक बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों की सेवाएं प्रदान करते हैं.
