प्रशासन करा रहा वीआइपी इलाकों में साफ-सफाई, गली-मुहल्लों की हालत खराब
पटना : विभाग और सफाई कर्मियों के झगड़े में शहर की 20 लाख की आबादी फंस गयी है. निगम में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मियों के लगातार पांचवें दिन की जारी हड़ताल के कारण कचरे का उठाव नहीं होने से शहर कूड़े के ढेर में तब्दील हो गया है.
मृत पशु व बजबजाते कचरे महामारी की आशंका को पैदा कर रहे हैं. कई सड़कों पर फैले कचरे की वजह से पैदल तो दूर गाड़ियां चलनी भी मुश्किल हो गयी है. विभाग और दैनिक कर्मी यूनियनों का यह गतिरोध लंबा खिंचता नजर आ रहा है. इधर, प्रशासन द्वारा वीआइपी इलाके में साफ-सफाई करायी जा रही है, जबकि गली-मुहल्लों का हाल बेहाल है.
वीआइपी इलाके में भी केवल मुख्य सड़कों की सफाई हो रही है. कचरे का उठाव नहीं हो रहा है. मुख्य सड़क से सटी सड़क पर कचरे के ढेर के कारण चलना भी मुश्किल हो रहा है. कचरे से बच कर दुपहिया वाहन वाले निकल रहे हैं. वहीं, चार पहिया वाहन वाले कचरे के ढेर पर से गुजरने को मजबूर हैं. गलियों की स्थिति और खराब होने लगी है. गलियों में पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है. लोगों को अब नाक पर रूमाल रख कर चलना पड़ रहा है. सफाई की वैकल्पिक व्यवस्था के बावजूद मुख्य जगहों पर से भी कचरे का उठाव नहीं हो रहा है. कंकड़बाग ऑटो स्टैंड के पास सड़क पर पड़े मृत जानवर को अभी तक नहीं उठाया गया है.
सड़कों पर से सिर्फ धूल की हो रही सफाई
सफाई की वैकल्पिक व्यवस्था के तहत वीआइपी इलाके सहित मुख्य सड़कों की सफाई हो रही है. सड़कों पर से धूल को हटाया जा रहा है, जबकि कचरे का उठाव नहीं हो रहा है.
शुक्रवार को दिन में बेली रोड पर तीन स्वीपिंग मशीनों से सड़कों पर से धूल हटायी गयी. बोरिंग रोड में नागेश्वर कॉलोनी, एएन कॉलेज के समीप, बसावन पार्क जानेवाले रास्ते, फ्रेजर रोड में सूर्या अपार्टमेंट के पास, एसपी वर्मा रोड में कचरे के साथ जलजमाव भी है. वहीं पटना जंक्शन, दिनकर गोलंबर, राजेंद्र नगर, पीएमसीएच आदि व अन्य मुख्य सड़कों पर कचरे का अंबार लगा है. यही हाल कंकड़बाग ऑटो स्टैंड का है.
एक-दो दिनों में और बढ़ेगी वैकल्पिक व्यवस्था
पांच दिनों से आखिर सफाईकर्मियों की हड़ताल क्यों समाप्त नहीं हो रही?
जवाब : 34 निकायों से अब मात्र 23 निकायों में ही हड़ताल है. विभाग ने सफाईकर्मियों की अधिकांश मांगें मान ली हैं. अब उनको काम पर लौट आना चाहिए.
आखिर विभाग व सफाईकर्मियों के बीच आम जनता कब तक गंदगी झेलेगी?
जवाब : सभी निकायों को तत्काल निविदा निकाल कर आउटसोर्सिंग कंपनी के माध्यम से सफाई शुरू कराने के निर्देश दिये गये हैं. पुलिस व मजिस्ट्रेट की तैनाती भी की गयी है.
कर्मियों के नियमितीकरण को लेकर क्यों मामला फंसा हुआ है?
जवाब : मामला न्यायालय में लंबित है. सभी विभाग में कार्मिक विभाग के 2012 के आदेश का अनुपालन किया जा रहा है. इस आदेश में नियमितीकरण का कोई प्रावधान नहीं है.
आखिर कब तक हड़ताल रहेगी?
जवाब : विभाग ने अपने स्तर से निर्णय ले लिये हैं. अगर हड़ताली काम पर नहीं लौटते, तो एक-दो दिनों में वैकल्पिक व्यवस्था और बढ़ायी जायेगी.
आगे क्या कार्रवाई करेंगे?
जवाब : हड़ताल तोड़ने की अपील करते हैं. अगर कोई और मांग है, तो यूनियन दे सकता है.
