पटना : डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि 2020-21 के दौरान राज्य भर में वायु की गुणवत्ता परखने के लिए 24 नये केंद्र स्थापित किये जायेंगे. इनकी मदद से राज्य भर में प्रदूषण की स्थिति का सटीक आकलन हो सकेगा. वर्तमान में ऐसे तीन केंद्र पटना में काम कर रहे हैं.
पटना सिटी और दानापुर में दो नये केंद्र खुलेंगे. वहीं मुजफ्फरपुर, हाजीपुर और गया में एक-एक केंद्र स्थापित हो चुके हैं, जो जल्द काम करने लगेंगे. डिप्टी सीएम गुरुवार को मुख्य सचिवालय के सभागार में पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के साथ बजट पूर्व समीक्षा बैठक कर रहे थे. उन्होंने कहा कि पटना के अलावा दानापुर, खगौल और फुलवारीशरीफ क्षेत्र में 15 साल या इससे पुराने डीजल वाहनों को प्रतिबंधित कर दिया गया है. मार्च, 2021 के बाद पूरे राज्य में डीजल से चलने वाले ऑटो प्रतिबंधित हो जायेंगे. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सवारी वाहनों खासकर ऑटो को सीएनजी में तब्दील करने के लिए राज्य सरकार विभिन्न स्तर पर अनुदान योजना चला रही है. पटना में पांच ऑउटलेटों में तीन से सीएनजी आपूर्ति शुरू हो गयी है.
डिप्टी सीएम ने कहा कि यूएनडीपी तथा हिंदुस्तान कोका-कोला बिवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड की गर्दनीबाग में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रोसेसिंग इकाई लग रही है. मेडिकल अपशिष्टों के प्रबंधन के लिए भोजपुर व मधेपुरा में केंद्र बनेंगे. बैठक में यूएनडीपी, गेल, आइओसी, भारत पेट्रोलियम, बुडको, ब्रेडा प्लास्टिक इंडस्ट्रीज समेत अन्य क्षेत्रों के प्रतिनिधि मौजूद थे. इस दौरान प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अध्यक्ष डॉ. एके घोष, वित्त विभाग के प्रधान सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ, वन विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.
