पटना : पटना हाइकोर्ट ने राजा बाजार स्थित आशियाना मोड़ में निवास करने वाले एक डाक्टर के खिलाफ आरक्षी अधीक्षक को जांच कर यह बताने को कहा है कि क्या सही में चार महिलाओं को चोरी के आरोप में बंधक बना कर रखा गया है? अदालत ने अपने आदेश में चिकित्सक को भी नोटिस जारी किया है और उनसे घटना के बारे में स्पष्टीकरण मांगा है. गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश संजय करोल एवं न्यायाधीश मोहित कुमार शाह की दो सदस्यीय खंडपीठ ने मो अरमान द्वारा दायर आपराधिक रिट याचिका को सुनने के बाद दिया है.
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि याचिकाकर्ता की बहन मौनी खातून, डॉक्टर के घर में 5-6 वर्षों से खाना बनाने का काम करती थी . पिछले एक सप्ताह से उस पर चोरी का आरोप लगा कर डाक्टर, उनकी पत्नी तथा पुत्र द्वारा महिलाओं को बंधक बना लिया गया है. मौनी खातून के बंधक बनाये जाने की जानकारी जब दूसरी बहन सोनी खातून, तबस्सुम खातून व मौसी रेहाना खातून को हुई तो वे डाक्टर के घर उसे छुड़ाने गयीं, लेकिन उन लोगों को भी मार-पीट कर बंधक बना लिया. जबकि याचिकाकर्ता की बहन तबस्सुम खातून के साथ दो वर्ष का बच्चा भी था. इस घटना की जानकारी सभी पुलिस पदाधिकारियों को दी गयी. लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं की गयी. मामले की सुनवाई तीन सप्ताह के बाद होगी.
