पटना : राज्य में रियल स्टेट में काम करनेवाले 175 डेवलपर्सों को जागरूक करने के लिए गुरुवार को रेरा और उसकी अपीलेट ट्रिब्यूनल ने बैठक की.
इसमें डेवलपर्स को बताया गया कि वह रेरा प्रावधानों का शत-प्रतिशत पालन करें. बैठक में रेरा के चेयरमैन अफजल अमानुल्लाह भी मौजूद थे. बिहार रियल स्टेट अपीलेट ट्रिब्युनल के चेयरमैन न्यायमूर्ति (अवकाश प्राप्त) अरुण कुमार ने बैठक में बताया कि किस तरह से डेवलपर्स नियमों की अवहेलना कर रहे हैं. उन्होंने खुद के मोबाइल पर भेजे गये मैसेज का हवाला देते हुए कहा कि किस तरह से रियल स्टेट के प्लेयर बिना रजिस्ट्रेशन कराये प्लॉट खरीदने का मैसेज भेज रहे हैं. इस बैठक में नगर विकास व आवास विभाग सहित पटना जिला प्रशासन व नगर निगम का एक भी पदाधिकारी शामिल नहीं हुआ.
डेवलपर्स की ओर से किये जा रहे अनियमितता का जिक्र करते हुए रेरा सदस्य आरबी सिन्हा ने बताया कि हवा के मकान का रजिस्ट्री की जा रही है. उन्होंने बताया कि अपार्टमेंट का पहला फ्लोर पूरा तैयार नहीं हुआ और उसकी 10वीं मंजिल का रजिस्ट्रेशन करा लिया जा रहा है.
ऐसी स्थिति में प्रोमोटरों की जिम्मेदारी है कि वह सही दिशा में काम करे और रेरा को सहयोग करें. बैठक में उपस्थित क्रेडाई के सदस्यों द्वारा यह समस्या उठायी गयी कि किसी भी अपार्टमेंट का पूरा फ्लैट बिके बगैर उसके कॉमन एरिया की रजिस्ट्री कैसे की जा सकती है. बिहार क्रेडाई के अध्यक्ष मणिकांत ने रेरा के रजिस्ट्रेशन को सरल बनाने और आवेदन फॉर्म की फाइल ट्रैकिंग सिस्टम तैयार करने की मांग की. रेरा से जुड़े सरकारी विभागों के पदाधिकारियों की अनुपस्थिति पर आश्चर्य जताया. बैठक में बीआइए के पूर्व अध्यक्ष केपीएस केसरी ने भी अपनी बात रखी.
