पटना : जयपुर चूड़ी फैक्टरी से बिहार के जिन 126 बच्चों को छुड़ाया गया था, उन बच्चों से जब अधिकारियों ने पूछा कि जयपुर तक कैसे पहुंचे तो उनके जवाब थे, पिता जी हमें मुगलसराय तक छोड़कर आये थे.
अब श्रम विभाग की जांच टीम बच्चों को मुगलसराय से जयपुर ले जाने वाले संगठित गिरोहों की तलाश कर रही है. बच्चों से मिली इस सूचना के बाद विभाग ने उनके माता-पिता से बांड भरवा कर उन्हें सौंप दिया है.विभाग की एक जांच टीम जयपुर जायेगी और वहां बच्चे पहुंचाने वाले गिरोह के संबंध में जानकारी हासिल करेगी.
छुड़ाये गये बच्चों विभिन्न जिलों के है. अधिकारी ने कहा कि बाल श्रमिक यहां से बाहर नहीं जाये, इसके लिये यहां बहुत एक्टिव चेन है. लेकिन कई बार देखा गया है, माता-पिता अपने बच्चे को बिहार बॉर्डर से बाहर छोड़ कर आते हैं. इस मामले में भी अधिकांश बच्चों ने इसी तरह का जवाब दिया है. बिहार से अभी सबसे अधिक बच्चों की ट्रैफिकिंग राजस्थान और दिल्ली में हो रही है. जिसे रोकने के लिये बॉर्डर के राज्यों से भी पॉलिसी बनाकर सहयोग लेने पर काम हो रहा है.बिहार पहुंचे बच्चों के घरों तक पुलिस जायेगी. उनके माता-पिता से बात करेगी कि बच्चों के नौकरी के नाम पर भेजने के लिये किसने व कितना पैसा दिया है.
