पटना : संविधान बचाओ मोर्चा की ओर से श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित संविधान बचाओ, देश बचाओ सम्मेलन में वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर नागरिकता कानून को लेकर जम कर हमला बोला. सम्मेलन में प्रस्ताव पास कर कानून को वापस लेने को लेकर संकल्प लिया गया.
सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया गया कि इस मामले में संज्ञान ले. इस दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी दी गयी. संविधान बचाओ मोर्चा के अध्यक्ष अनीसुर रहमान कासमी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया नागरिकता कानून कमजोर वर्गों के खिलाफ है. सरकार को इस काले कानून को वापस लेना चाहिए. जब तक इस कानून को निरस्त नहीं किया जाता है, तब तक विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा. सीएए के खिलाफ अपने पद से इस्तीफा देनेवाले आइपीएस अधिकारी अब्दुर रहमान ने कहा कि सरकार अपने संवैधानिक काम से भटक गयी है.
यह केवल मुसलमानों के लिए लड़ाई नहीं है, बल्कि देश के 80 फीसदी लोगों की लड़ाई है. जेएनयू छात्र संघ के पूर्व नेता उमर खालिद ने कहा कि सीएए, एनपीआर व एनआरसी गोडसे मानसिकता के साथ साजिश रची गयी. हसन अहमद कादरी ने कहा कि मोदी सरकार नागपुर एजेंडा को लागू करना चाहती है. बिहार सरकार को भी इस पर ठोस निर्णय लेने की जरूरत है. पटना नगर निगम के पूर्व मेयर अफजल इमाम ने कहा कि सरकार कानून वापस नहीं लेगी तो जनआंदोलन से इसे वापस कराया जायेगा. सामाजिक कार्यकर्ता कंचन बाला ने कहा कि शाहीन बाग से वर्तमान सरकार का डंडा हिल गया है, लेकिन अभी और लड़ाई की जरूरत है. भीम आर्मी के चंदन कुमार ने कहा कि संगठन आर-पार की लड़ाई लड़ती है.
सम्मेलन को जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के जुबैर अहमद,मोहम्मद मुश्ताक मलिक, फादर जैक, मिशाकुर उस्मानी,मनोज भारती,खुर्शीद अनवर सहित अन्य लोगों ने संबोधित किया. सम्मेलन में आये लाेग हाथ में तिरंगा लेकर लहराते रहे. अपने शरीर पर सीएए, एनआरसी, एनपीआर के विरोध वाले टी शर्ट पहन रखे थे.
