लॉ फैकल्टी की नियुक्ति से संबंधित मामला
पटना : राजभवन ने बिहार के विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों व पार्ट टाइम लॉ शिक्षकों की नियुक्ति के लिए अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दे दी है.
इस संशोधन के मुताबिक अनुसूचित जाति-जनजाति व दिव्यांग अभ्यर्थियों को अपेक्षित स्नातक डिग्री में न्यूनतम अनिवार्य अंकों में पांच फीसदी की छूट दी गयी है. अब उन्हें केवल 50 फीसदी अंकों की जरूरत होगी. शेष वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए इस तरह की नियुक्तियों के लिए शैक्षणिक डिग्री में कम-से-कम 55 फीसदी प्राप्तांक होना अनिवार्य है. उल्लेेखनीय है कि राजभवन ने इस संशोधन के लिए तीन विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की एक समिति गठित की थी. उस समिति ने ये अनुशंसाएं की थीं, जिसे राजभवन ने स्वीकार कर लिया है. इसके अलावा इस तरह की नियुक्ति के लिए यूजीसी नाॅर्म्स के मुताबिक पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री में सामान्य अभ्यर्थियों के लिए 55 फीसदी की अनिवार्यता यथावत रखी गयी है.
वहीं दूसरी ओर एससी-एसटी व दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए पांच फीसदी की छूट देकर उसे 50 फीसदी कर दिया गया है. राजभवन का यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया जाना है. राजभवन से इस संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश सभी विवि को भेज दिया है. यह आदेश परंपरागत विश्वविद्यालयों के अलावा आरएयू पूसा, बीएयू, सबोर व बीएएसयू, पटना में प्रभावी होगा.
