दीघा थाना क्षेत्र के रोहित की प्रेम-प्रसंग में हुई थी हत्या
पटना : दीघा थाना क्षेत्र के साकिन जामखड़ी के रहने वाले रोहित कुमार की प्रेम-प्रसंग में हत्या हुई थी. प्रेमिका के चचेरे भाई आरव उर्फ हॉर्लिक्स ने अपने दो साथियों की मदद से गोली मारी थी. पुलिस ने रामजीचक के आरव, रोशन कुमार व ब्रहमस्थान गली निवासी अमर कुमार उर्फ मुंशी को रविवार की देर रात गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. मौके से पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गयी एक पिस्टल व जिंदा कारतूस बरामद की है.
एसएसपी व सेंट्रल एसपी की देखरेख में गठित टीम ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार किया. गौरतलब है कि 20 जनवरी की रात 15 वर्षीय रोहित की दीघा गंगा घाट किनारे पुलिस ने लाश बरामद की थी. अगले दिन मृतक के पिता रामेश्वर चौधरी ने दीघा थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करायी थी.
पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपित आरव ने बताया कि घटना के दिन रात करीब 10 बजे रोहित चोरी से बहन से मिलने आया था. दोनों के बीच फोन पर हुई बातचीत को उसने सुन लिया था, फिर प्लानिंग के तहत उसी रात अपने दोनों दोस्तों को बुलाया और जैसे ही रामजीचक गली में दोनों प्रेमी युगल मिलने पहुंचे उसने गोली मार दी. प्रेमिका के सामने ही आरोपित ने प्रेमी रोहित के जांघ में पहली गोली मारी. गोली की आवाज सुन प्रेमिका वहां से भाग गयी. फिर आरोपितों ने मृतक को मोटरसाइकिल पर बैठाया और गंगा घाट ले जाकर उसके कान के पीछे व माथे में गोली मार कर मौके से फरार हो गये.
अारव ने बताया कि उसकी चचेरी बहन के साथ पिछले काफी समय से रोहित का प्रेम-प्रसंग चल रहा था. इसकी भनक जब परिजनों को लगी, तो उन्होंने उसके घर से बाहर निकलने पर रोक लगा दी. इसके बाद दोनों मिलने का बहाना ढूढ़ने लगे. घटना के पांच दिन पहले भी रोहित अपनी प्रेमिका से मिलने उसके घर पहुंचा था. दोनों रात के अंधेरे का फायदा उठाकर आपत्तिजनक हालत में पड़े हुए थे. यह सब नजारा उसके भाई ने देख ली और उसी दिन हत्या करने की रणनीति बना डाली.
एसएसपी ने कहा
प्रेम-प्रसंग से नाराज चचेरे भाई आरव ने अपने दो अन्य साथियों की मदद से रोहित कुमार की गोली मार कर हत्या कर दी. पुलिस ने तीनों अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है. मौके से हत्या में इस्तेमाल हथियार व जिंदा कारतूस बरामद की गयी है. सेंट्रल एसपी विनय तिवारी की देखरेख में लगातार छापेमारी की जा रही थी. दीघा के थानेदार को पुरस्कृत किया जायेगा.
