पटना : पटना हाइकोर्ट के अधिवक्ता सोमवार से अपने न्यायिक काम पर वापस लौट आये. न्यायिक काम से अलग रहने का निर्णय तीनों अधिवक्ता संघों की समन्वय समिति ने शुक्रवार को लिया था. उसके बाद अधिवक्ताओं ने अपना न्यायिक कार्य करना बंद कर दिया था. यह निर्णय अधिवक्ताओं ने अपने मुकदमों की सुनवाई में ही रही देरी को लेकर लिया था.
समन्वय समिति के संयोजक ने बताया कि मुख्य न्यायाधीश ने वकीलों की इस समस्या को दूर करने का आश्वासन दिया है. 26 जनवरी को ही तीनों अधिवक्ता संघों की समन्वय समिति द्वारा मुख्य न्यायाधीश को वकीलों को हो रही कठिनाईयों के बारे में सूचित कर दिया गया था. समन्वय समिति के अध्यक्ष योगेश चंद्र वर्मा, लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय कुमार ठाकुर, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सिंह व महासचिव शैलेंद्र कुमार सिंह, राजीव कुमार सिंह और मुकेश कांत ने बताया कि वकील जान बूझ कर न्यायिक कार्य को अवरोध नहीं करना चाहते हैं.
हाइकोर्ट से छपने वाली दैनिक सूची में इतनी कठिनाइयां थी कि किस वकील के कौन से मुकदमे की सुनवाई कब होगी, कहना मुश्किल था. इसको लेकर वकीलों में भारी आक्रोश था. आश्वासन के बाद वकीलों का आक्रोश फिलहाल खत्म हो गया है.
