फुलवारीशरीफ : प्रख्यात चिकित्सक डॉ एए हई ने हारूण नगर में चल रहे एनआरसी, सीएए और एनपीआर के विरोध में धरना-प्रदर्शन सभा को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में नागरिकता संशोधन कानून पास होने के बाद से पूरे देश में इसका विरोध हो रहा है. उस आंदोलन के धार को कुंद नहीं होने देना है.
लोगों ने सही समझा है कि नागरिकता कानून संविधान के खिलाफ है और सांप्रदायिक है.इसके साथ जब एनआरसी भी मिल जायेगा तो यह मुसलमान नागरिकों को घुसपैठिया और बाकी नागरिकों को शरणार्थी में तब्दील कर दिया जायेगा. धरना को संबोधित करते हुए समाजसेवी सुरेश कुमार ने कहा कि इस देश के लोगों को अपने पूर्वजों की गलती का अहसास आज के भारत को देख कर हो रहा है. महंगाई, भ्रष्टाचार, शिक्षा, बेरोजगारी के मुद्दे को दरकिनार करके असुरक्षा का माहौल पैदा किया जा रहा है.
डीयू के इतिहास विभाग के प्रो डा रतन लाल ने कहा कि केंद्र सरकार के द्वारा लाया गया काला कानून सीएए ,एनपीआर और एनआरसी के खिलाफ जिस तरह से गांधी जी ने बिहार की धरती से आजादी की लडाई का बिगुल फूंका था ठीक उसी तरह यह लड़ाई बिहार से उठी है और यह आंदोलन सफल होगा.
उधर इसापुर में पेट्रोल लाइन मैदान में धरना को संबोधित करने पहुंचे राजद विधायक अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने कहा कि भारत ही नहीं पूरी दुनिया भर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों से मोदी-शाह की जोड़ी दबाव में है.
