पटना : पीरबहोर थाना क्षेत्र के जीएम रोड में बीते 21 नवंबर व राजीव नगर थाना क्षेत्र में हुए दवा छापेमारी मामले में दवा माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं करना कुछ ड्रग इंस्पेक्टरों को भारी पड़ सकता है.
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव को पत्र भेजा है. इसमें बताया गया है कि दवा छापेमारी के बाद नकली दवाएं पकड़ी जाती हैं, लेकिन थानों में जब एफआइआर करा के आरोपितों पर कार्रवाई करने की बात आती है तो संबंधित इंस्पेक्टर अपना हाथ पीछे खींच लेते हैं.
