पटना : राज्य में सड़क परियोजनाओं के निर्माण में तेजी लाने के लिए नयी नीति बनेगी. इसके तहत परियोजनाओं के लिए वर्किंग कैपिटल को एडवांस रूप में कांट्रैक्टर्स को राज्य सरकार देगी और कांट्रैक्टर्स से ब्याज लेगी.
इसके लिए पथ निर्माण विभाग ने एक प्रस्ताव तैयार किया है. यह प्रस्ताव वित्त विभाग से स्वीकृति की प्रक्रिया में है. वहां के बाद विधि विभाग से स्वीकृति मिलने पर इसे राज्य कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जायेगा. वहां से मंजूरी होने पर इसका पहला फायदा कच्ची दरगाह-बिदुपुर सड़क परियोजना को होगा. इसे करीब 10 महीने देरी से दिसंबर 2021 में पूरा होने की संभावना है.
सूत्रों का कहना है कि राज्य में गंगा नदी पर पहली सिक्स लेन पुल परियोजना वाली सड़क कच्ची दरगाह-बिदुपुर का निर्माण कार्य जनवरी 2017 में कांट्रैक्टर को सौंपा गया था. करीब 4988 करोड़ रुपये की इस परियोजना को जनवरी 2021 में पूरा करने का लक्ष्य था. करीब 22.76 किमी लंबी इस सड़क परियोजना में पुल की लंबाई करीब 9.76 किमी है. इस पुल में केबल का भी इस्तेमाल होगा. यह पुल पटना जिले के कच्ची दरगाह के पास एनएच 30 को वैशाली जिले के बिदुपुर के पास एनएच 103 से जोड़ेगी. हाल ही में पुल के डिजाइन को मंजूरी मिल गयी है.
राजधानी पटना की महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना गंगा पाथ-वे में संतोषजनक काम नहीं होने पर इसके कांट्रैक्टर्स बदले जा सकते हैं. इस संबंध में पथ निर्माण विभाग ने समय-समय पर काम की समीक्षा करने का निर्णय लिया है.
फिलहाल इस पाथ-वे के रुके काम की शुरुआत के लिए जारी किये गये टेंडर के माध्यम से फरवरी के पहले सप्ताह में एजेंसियों का चयन हो जायेगा. गौरतलब है कि नवंबर 2019 में पथ निर्माण विभाग ने निर्माण एजेंसी नवयुगा से कुछ काम छीन लिया था. इसके तहत दुल्ली घाट से नुरुद्दीन घाट तक 3.45 किलोमीटर और दीदारगंज नेशनल हाइवे से जोड़ने वाले हिस्से को मिलाकर कुल 4.1 किलोमीटर लंबाई में निर्माण के लिए नये सिरे से टेंडर कर दिया था. इस सड़क की कुल लंबाई करीब 19.8 किलोमीटर है. यह सड़क दीदारगंज से आगे पुराने एनएच-30 से जुड़ेगी.
