पटना : पाटलिपुत्र थाना क्षेत्र के साईं मंदिर के पास से पांच दिन पूर्व अपहृत छात्र मनीष रंजन को पुलिस ने सोमवार की सुबह मोतिहारी जिले के नगर थाना क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया. मनीष मोतिहारी शहर में एक भाड़े के लॉज में आठ अपहरणकर्ताओं के संरक्षण में था.
बरामदगी के बाद पुलिस कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एसएसपी उपेंद्र शर्मा व सिटी एसपी विनय तिवारी ने बताया कि अपहरण मामले का मास्टर माइंड अंकित कुमार उर्फ अंकित सरकार था जो शास्त्री नगर थाना क्षेत्र का रहने वाला है. पूछताछ के दौरान अंकित ने बताया कि फिरौती मांगने के लिए किराये पर लाल रंग की जूम कार हायर की थी. कुल 10 आरोपितों ने मिल कर अपहरण की घटना को अंजाम दिया. इसमें पश्चिमी चंपारण (बेतिया) जिले के रानू मिश्रा, राहुल कुमार, अर्जुन कुमार, सृजन कुमार गुप्ता और जहानाबाद के शिवेंद्र कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. इसमें राहुल व अंकित कुमार बीते नवंबर महीने में मारपीट के आरोप में जेल जा चुके हैं. इसमें से कुछ आरोपित शहर में किराये पर रूम लेकर पढ़ाई करते हैं.
अंकित ने ही चाय वाला बन मनीष के पिता को किया था फोनगिरफ्तार आरोपितों ने बताया कि अंकित ने ही अपने मोबाइल फोन से मनीष रंजन के पिता व बक्सर के चौसा प्रखंड पैक्स अध्यक्ष मनोज सिंह को फोन कर अपहरण होने की बात कही थी. वहीं, जबपिता ने पलट कर फोन किया तो खुद को चाय वाला बनकर बात की. जांच में पता चला कि अपहरण के बाद 10 लाखरुपये की फिरौती मांगने की प्लानिंग की गयी थी. किराये केकार को 24 घंटे के बाद आरोपितों ने वापस पटना भेज दिया. पुलिस ने संबंधित कार को भी जब्त कर लिया है.एसएसपी उपेंद्र शर्मा ने बताया कि कार का फुटेज पाटलिपुत्र स्थित एक अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में दिखी. संबंधित नंबर के आधार पर पुलिस ने पड़ताल की तो वह जूम कार वाले के बारे में जानकारी मिली.
इतना ही नहीं जिस मोबाइल नंबर से पीड़ित पिता को फोन आया था उसी नंबर से फोन कर कार की बुकिंग की गयी थी. इसके बाद सिटी एसपी (सेंट्रल) विनय तिवारी अपने साथ 13 पुलिसकर्मियों को लेकर मोतिहारी पहुंचे और आरोपितों को रंगे हाथे पकड़ लिया. सिटी एसपी विनय तिवारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित पहले से मनीष को नहीं जानते थे. वह किसी भी छात्र को अपहरण करने की नियत से निकले थे और मनीष को देखते हुए अपहरण कर मोतिहारी लेकर भाग गये.
उल्लेखनीय है कि बक्सर के चौसा गांव के रहने वाला मनीष रंजन नौ जनवरी को शहर में इंजीनियरिंग का जेइइ प्रवेश परीक्षा देने आया था. साई मंदिर मंदिर से सटे एक होटल से खाना खाकर बाहर निकलते हीउसे अगवा कर लिया गया, जिसके बाद पिता ने पाटलिपुत्र थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था.
