पटना : साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एसबीपीडीसीएल) ने अपने छह इंजीनियरों को विभिन्न आरोपों में दोषी पाये जाने पर कार्रवाई की है. इसके तहत दो इंजीनियरों की एक वेतन वृद्धि पर रोक लगायी गयी है. वहीं, एक इंजीनियर से दूसरी बार स्पष्टीकरण पूछा गया है. साथ ही तीन इंजीनियरों को चेतावनी देते हुए इसकी चर्चा उनके परफाॅरमेंस अप्रेजल रिपोर्ट में की जायेगी. इसके तहत अगले एक साल तक किसी भी तरह की प्रोन्नति नहीं मिल सकेगी.
बिजली कंपनी के छह इंजीनियरों पर कार्रवाई
पटना : साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एसबीपीडीसीएल) ने अपने छह इंजीनियरों को विभिन्न आरोपों में दोषी पाये जाने पर कार्रवाई की है. इसके तहत दो इंजीनियरों की एक वेतन वृद्धि पर रोक लगायी गयी है. वहीं, एक इंजीनियर से दूसरी बार स्पष्टीकरण पूछा गया है. साथ ही तीन इंजीनियरों को चेतावनी देते हुए […]

छह में से चार इंजीनियरों पर कंपनी को राजस्व का नुकसान पहुंचाने, एक पर कार्यालय से अनुपस्थित रहकर कंपनी की छवि खराब करने और एक पर अपने जूनियर कर्मियों से खराब व्यवहार का दोष साबित हुआ है.
कंपनी के सूत्रों का कहना है कि मई , 2018 में विद्युत आपूर्ति अवर प्रमंडल हथिदह में अंशुमन सिंह असिस्टेंट इंजीनियर और किश्लय कुमार जूनियर इंजीनियर थे. इनके क्षेत्र में 26 बिजली उपभोक्ताओं के परिसर में से 23 में मीटर नहीं लगा था. वहीं , कंपनी को राजस्व की हानि का जिम्मेदार इंजीनियरों को माना गया.
वहीं अप्रैल , 2019 में टीआरडब्ल्यू बांका में बिजली के तत्कालीन एक्सक्यूटिव इंजीनियर दिलीप कुमार चौधरी पर अनधिकृत रूप से कार्यालय से अनुपस्थित रहने का आरोप था. कंपनी ने उनसे दूसरी बार स्पष्टीकरण पूछा है.
वहीं विद्युत आपूर्ति प्रमंडल डेहरी ऑन सोन में जुलाई 2019 में रहे एक्सक्यूटिव इंजीनियर अभय कुमार रंजन पर अपने अधीनस्थ कर्मियों से अभद्रतापूर्ण व्यवहार का आरोप था. बिजली कंपनी ने जांच में इसे सही पाते हुए चेतावनी का दंड निर्धारित किया. साथ ही इसे उनकी चारित्री में दर्ज करने का आदेश दिया.