पटना :चोरी हुई, तो स्कूल के प्रधान और संबंधित के वेतन से होगी वसूली

अनुराग प्रधान पटना : बिहार के सभी हाइस्कूलों व प्लस-टू स्कूलों में पांच हजार मानदेय पर रात्रि प्रहरी रखे जायेंगे. ये वहां रात में रह कर उपस्कर, प्रयोगशाला, पुस्तक, उपकरण, क्रीड़ा व कंप्यूटर सामग्री सहित बिहार उन्नयन योजना के अंतर्गत स्मार्ट क्लास के लिए उपलब्ध कराये गये टीवी-कंप्यूटर आदि की सुरक्षा करेंगे. अगर रात्रि प्रहरी […]

अनुराग प्रधान
पटना : बिहार के सभी हाइस्कूलों व प्लस-टू स्कूलों में पांच हजार मानदेय पर रात्रि प्रहरी रखे जायेंगे. ये वहां रात में रह कर उपस्कर, प्रयोगशाला, पुस्तक, उपकरण, क्रीड़ा व कंप्यूटर सामग्री सहित बिहार उन्नयन योजना के अंतर्गत स्मार्ट क्लास के लिए उपलब्ध कराये गये टीवी-कंप्यूटर आदि की सुरक्षा करेंगे.
अगर रात्रि प्रहरी नहीं रखे गये, तो स्कूलों के प्रधान पर कार्रवाई होगी. साथ ही स्कूलों में अगर सुरक्षा में चूक होती है और किसी भी सामग्री की चोरी होती है, तो संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक व रात्रि प्रहरी की जवाबदेही होगी. इसके साथ उनके वेतन से चोरी गयी सामग्री की राशि भी वसूली जायेगी.
साथ ही जांच में जिस पर लापरवाही साबित होगी, तो रकम की वसूली उनके वेतन या मानदेय से करते हुए उसे विद्यालय विकास कोष में जमा कराया जायेगा. माध्यमिक शिक्षा निदेशालय व बिहार शिक्षा परियोजना परिषद, पटना की ओर से सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है. इस संबंध में पटना जिला शिक्षा पदाधिकारी ज्योति कुमार ने शनिवार को सभी स्कूलों के प्रधान को पत्र भी जारी कर दिया. विद्यालय प्रबंधन समिति की ओर से रखे जानेवाले रात्रि प्रहरी से यह शपथपत्र लेना आवश्यक होगा कि भविष्य में वे स्थायी रूप से नियोजन के लिए दावा नहीं करेंगे.
रात्रि प्रहरी के लिए ऐसी होगी व्यवस्था
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय व बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को लिखे पत्र में कहा है कि जिस विद्यालय में दो या उससे अधिक पुरुष आदेशपाल हैं, वहां चक्रानुक्रम में उनसे रात्रि प्रहरी का कार्य लिया जाये.
इस प्रकार एक या एक से अधिक आदेशपाल विद्यालय अवधि में कार्य करेंगे और एक आदेशपाल रात्रि प्रहरी का कार्य करेंगे. एक ही आदेशपाल से विद्यालय अवधि के साथ-साथ रात्रि प्रहरी का काम नहीं लिया जायेगा. जिस विद्यालय में एक पुरुष या महिला आदेशपाल हैं, तो वहां संबंधित विद्यालय के विद्यालय प्रबंधन समिति की ओर से स्थानीय लोगों में से एक रात्रि प्रहरी को अस्थायी रूप से पांच हजार की मासिक मानदेय पर अनुबंध पर रखा जाये.
वैसे विद्यालय जहां समिति का गठन नहीं हुआ है अथवा विद्यालय विकास कोष का संधारण नहीं है, उन विद्यालयों में पूर्व से संचालित विद्यालय शिक्षा समिति स्थानीय व्यक्ति का चयन कर अनुबंध पर रखेगी.

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