लालू के जेल में दरबार लगाने का मामला
पटना : डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि चारा घोटाले के चार मामलों में सजायाफ्ता होने के कारण झारखंड की जेल में बंदी लालू प्रसाद के लिए राज्य की सोरेन सरकार ने जेल संबंधी नियमों को ढीला कर लालू प्रसाद को रोज दरबार लगाने और वहां से राजनीति करने की छूट दे रखी है.
इस पर सीबीआइ, गृह मंत्रालय और विशेष अदालत को स्वयं नोटिस लेना चाहिए. लालू प्रसाद भ्रष्टाचार के कारण जेल भेजे गये, जबकि बीमारी के बहाने उन्हें अस्पताल में रख कर राजनीतिक बंदी जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं.
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, कुशासन और परिवारवाद में डूबे रहने के कारण राजद को जनता ने जब से बिहार की सत्ता से बाहर किया, तब से लालू प्रसाद लोगों के बीच भ्रम फैलाने के लिए किसी-न- किसी मुद्दे को लपकते रहे हैं.
उन्होंने नोटबंदी और राफेल सौदे पर अनर्गल बयानबाजी करने में राहुल गांधी और ममता बनर्जी के साथ सुर मिलाया, लेकिन समाज का कोई वर्ग उनके झांसे में नहीं आया. संसदीय चुनाव के दौरान बिहार में उनकी पार्टी खाता नहीं खोल पायी. अब राजद नागरिकता कानून और जनसंख्या रजिस्टर ( एनपीआर) को लेकर एक समुदाय को गुमराह कर माहौल बिगाड़ने में लगा है. प्रधानमंत्री ने साफ कर दिया है कि एनपीआर के लिए कोई दस्तावेज नहीं मांगा जायेगा, फिर भी विपक्ष झूठ फैलाने में लगा है.
