अनुपम कुमार
पटना : वर्ष 2019 पटना समेत पूरे प्रदेश के लिए नागरिक उड्ययन की दृष्टि से काफी घटनापूर्ण रहा. पटना आने वाले हवाई यात्रियों की सालाना संख्या अप्रैल 2019 में 40 लाख और वर्ष के अंत तक 45 लाख को पार कर गयी. इसके साथ ही पटना से परिचालित होने वाले विमानों की संख्या बढ़ कर 48 जोड़ी तक पहुंच गयी. पटना एयरपोर्ट पर नये टर्मिनल का निर्माण शुरू हुआ. इसके कारण एयरपोर्ट आने-जाने का रास्ता बदल गया. नयी पार्किंग व्यवस्था लागू होने से पिकड्रॉप की व्यवस्था में भी परिवर्तन हुए. बिहटा में सिविल एनक्लेव के निर्माण के लिए भूमि का अधिग्रहण हुआ और चारदीवारी का निर्माण किया गया.
यात्री सुविधा में हुई बढ़ोतरी, खुला नया गेट
यात्री सुविधा में भी कुछ बढ़ोतरी दिखी. जाड़े में विमानों के देर होने पर टर्मिनल के भीतर भीड़ भाड़ को कम करने के लिए सिक्यूरिटी होल्ड एरिया का विस्तार किया गया. साथ ही एक नया प्रवेश द्वार भी खोला गया. वहां नया बैगेज एक्सरे मशीन और बोर्डिंग काउंटर भी बनाया गया. लंबे समय से बंद पड़े एयरपोर्ट के दो रेस्टोरेंट को खोला गया, जिसमें से एक सिक्यूरिटी होल्ड एरिया और दूसरा उसके बाहर के यात्रियों के लिए है. हालांकि कुछ ऐसे भी काम थे जो जरूरी होने के बावजूद भी समय से पूरे नहीं किये जा सके. पटना जू के भीतर एप्रोच लाइट के 750 मीटर तक एक्सटेंशन का कार्य नहीं पूरा हुआ.
इसके कारण 1000 मीटर से कम विजिबिलिटी में इस वर्ष भी विमान नहीं उतर पाये और धुंध गहराने पर विमानों के परिचालन में देर हुई. बर्ड हिट की दृष्टि से 2019 बीते वर्ष की तुलना में बेहतर रहा. एयरपोर्ट के भीतर मशीनों से घाट कटवाने और उसके आसपास की सफाई में बढ़ोतरी का असर बर्ड हिट की घटनाओं में कमी के रूप में दिखा. पूरे वर्ष के दौरान पटना एयरपोर्ट पर ऐसी केवल तीन घटनाएं ही हुईं.
जेट एयरवेज बंद हुई और विस्तारा की सेवा शुरू
जेट एयरवेज को दिवालिया होने के कारण अपनी उड़ान बंद करनी पड़ी, वहीं विस्तारा एयरलाइंस ने पटना दिल्ली के बीच अपनी फ्लाइट शुरू कर यहां से सेवा शुरू की. दरभंगा में सिविल एनक्लेव का निर्माण शुरू हुआ और एयरफोर्स स्टेशन के रनवे को फिर से बिछाया गया. हालांकि मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरू के लिए वहां से उड़ान शुरू नहीं हो सका और इसके लिए अभी एक-दो महीने और इंतजार करना पड़ेगा.
