सुबोध कुमार नंदन, पटना : प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम के तहत सालाना 6 हजार रुपये का लाभ लेने के लिए कुछ लोग गड़गड़ी करने लगे हैं. गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर केंद्र सरकार काफी सख्त हो गयी है. उनके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
शिकायत में लाभार्थियों के नामों एवं उनके बैंक खातों के दिये गये दस्तावेज मेल नहीं खा रहे थे. कृषि मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि इन अकाउंट्स में बिना वेरीफिकेशन पैसा जमा हो गया था. यानी बैंक अकाउंट और खेत मालिक के नाम के बीच अंतर पाया गया.
इस स्कीम की राशि केंद्र सरकार राज्यों के खाते में भेजती है. फिर उस खाते से किसानों तक पैसा पहुंचता है. अधिकारियों की मानें तो वेरीफिकेशन करने से पहले ही ऐसे देश के आठ राज्यों में 1.19 लाख बैंक अकाउंट में 2 हजार रुपये की किस्त जमा हो गयी थी. इसमें बिहार के भी अकाउंट बड़ी संख्या में शामिल हैं.
लेकिन जब डेटा का वेरीफिकेशन शुरू हुआ तो गलती पकड़ में आने लगी. जिन किसानों ने गलत तरीके से इस स्कीम का फायदा उठाया है उन्हें हर हाल में राशि वापस करना होगा. अधिकारियों के अनुसार इस स्कीम के लिए शर्त लागू है. अगर कोई भी किसान गलत तरीके से फायदा उठा रहा है तो आधार वेरीफिकेशन में पता चल जायेगा.
राज्य सरकार अपात्रों से वापस लेगी राशि
पटना जिला के कृषि अधिकारी राकेश रंजन ने बताया कि केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने बिहार सहित अन्य राज्यों को पत्र लिखकर कहा है कि अगर अपात्र लोगों को लाभ मिलने की सूचना मिलती है तो उनका पैसा कैसे वापस होगा. उन्होंने बताया कि जिला स्तर और प्रखंड स्तर पर वेरीफिकेशन का काम चल रहा है. केंद्र सरकार ने जो सूची भेजी है. उसमें लाभार्थियों के नाम और पता का उल्लेख है. पटना जिला में अपात्र लोगों ने भी स्कीम का लाभ उठाया है.
अधिकारियों की मानें तो जिन अपात्र लोगों के खातों में पैसा ट्रांसफर हुआ है उसे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) से वापस लिया जायेगा. बैंक इस पैसे को अलग अकाउंट में डालेंगे. राज्य सरकार अपात्रों से पैसे वापस लेकर सरकारी खाते में जमा करायेगी. अगली किस्त जारी होने से पहले ऐसे लोगों का नाम हटाया जायेगा.
