पटना : राष्ट्रीय आइएमए की इकाई पटना का एकेएन सिन्हा इंस्टीट्यूट राज्य में आम लोगों को जिंदगी बचाने की बेसिक तकनीक सिखा रहा है.अब तक हजारों लोगों को यह सिखायी जा चुकी है. कोई भी आम आदमी इसे सीख सकता है और ट्रेनिंग मात्र एक दिन की है. इस कोर्स का नाम बेसिक इमरजेंसी लाइफ सेविंग स्किल है. इसका मकसद लोगों को इतनी ट्रेनिंग दे देना है कि मरीज को अस्पताल ले जाने तक उसकी जान बचायी जा सके. इसे किसी आपात स्थिति में मरीज को अस्पताल ले जाने से पूर्व के उपचार को सिखाने की स्किल के तौर पर डिजाइन किया गया है.
हृदयघात, डूबने, रोड एक्सीडेंट आदि के मरीजों की जान बचाने में इस ट्रेनिंग को पाने वाले बड़ी मदद कर सकते हैं. इसे सीखने के इच्छुक लोग गांधी मैदान के पास स्थित आइएमए भवन में जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. समय – समय पर कोर्स का आयोजन किया जाता है. इसकी शुरुआत इसी वर्ष फरवरी में हुई थी. चंद महीनों में ही यह कोर्स राज्य भर में लोकप्रिय हो चुका है औरराष्ट्रीय स्तर पर आइएमए ने भी इसे सराहा है.
इसके बारे में एकेएन सिन्हा इंस्टीट्यूट के कार्यपालक सचिव डॉ अजय कुमार कहते हैं कि यह कोर्स स्वास्थ्य क्षेत्र की अत्यंत महत्वपूर्ण जरूरत को पूरा करने का प्रयास है.
आये दिन आम लोगों के सामने हार्ट अटैक, एक्सीडेंट आदि के मरीज आते हैं. कई बार मरीज क्लिनिकली मृत होता है लेकिन ब्रेन डेड नहीं हुआ होता है. ऐसी परिस्थिति में तुरंत कार्रवाई से उसकी हृदय गति को पुन: स्थापित किया जा सकता है. इसी प्रक्रिया को बेसिक लाइफ सपोर्ट कहा जाता है.
इस प्रक्रिया के साथ अस्पताल तक ऐसे मरीज को पहुंचने से लगभग 40 प्रतिशत तक जान बचायी जा सकती है. वह कहते हैं कि इस कोर्स को करने के लिए डॉक्टर होना जरूरी नहीं है कोई भी समझदार व्यक्ति कुछ घंटों की ट्रेनिंग के बाद इसके लिए सक्षम हो जाता है.
ज्यादातर देशों में मेडिकल प्रोफेशनल और एसोसिएशन ऐसी ट्रेनिंग दे रहें हैं. विदेशों में एम्बुलेंस वर्कर्स, हॉस्पिटल स्टाफ और पुलिस को नियमित रूप से ऐसी ट्रेनिंग दी जाती है. अब इसी ट्रेनिंग को हम बिहार में दे रहें हैं जिसका लाभ कोई भी उठा सकता है.
