पटना : शिक्षा विभाग अगले शैक्षणिक सत्र से प्रदेश के 1120 माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में विशेष एजुकेशन देने जा रहा है. इस शैक्षणिक पहल के जरिये विषयों की तमाम जटिलताओं को स्पेशल कोड के जरिये हल किया जायेगा. यह कोड एक विशेष सॉफ्टवेयर के जरिये संचालित होगा. एक्सपर्ट के मुताबिक समस्या से समाधान तक की प्रक्रिया को विशेष सॉफ्टवेयर सिस्टम के जरिये बच्चों को समझाया जायेगा. कक्षा 10,11,12 में इस कोड का इस्तेमाल पहली बार किया जा रहा है.
बिहार शिक्षा परियोजना की राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी किरण कुमारी ने बताया कि ‘गोइंग टू स्कूल’ संस्था के सहयोग से ये नयी कवायद शुरू की जायेगी. प्रस्तावित डिजिटल/ साॅफ्टवेयर सिस्टम के जरिये बच्चों में उद्यमिता और व्यक्तित्व विकास के लिए भी प्रेरित किया जायेगा.
बच्चे डिजिटल मोड में विषय वस्तु को अच्छी तरह समझ सकेंगे. उन्होंने बताया कि यह शैक्षणिक कार्यक्रम प्रारंभिक चरण में पटना, गया, नालंदा, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज, जहानाबाद, मुंगेर और बांका में शुरू किया जायेगा.
एमओयू के तहत कवायद शुरू : उल्लेखनीय है कि गोइंग टू स्कूल और बिहार शिक्षा परियोजना के बीच हुए एमओयू के तहत ये कवायद शुरू की जा रही है. जानकारी के मुताबिक बुधवार को बिहार शिक्षा परियोजना और गाेइंग टू स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें इस संदर्भ में व्यापक जानकारी दी गयी.
