योजना को समय पर पूरा करने के लिए लगेगा कैंप
पीएचइडी को मार्च तक 56,079 वार्डों में हर घर नल का जल है पहुंचाना
पटना : मुख्यमंत्री सात निश्चय के तहत पीएचइडी को मार्च , 2020 तक 56,079 वार्डों में हर घर नल का जल पहुंचाने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है. इसके बावजूद अब तक कोसी क्षेत्र के लगभग वार्डों में काम तक शुरू नहीं हो पाया है. वहीं, विभागीय सचिव ने जब 2017-18 व 2018-19 में स्वीकृत की गयी योजनाओं की विभागीय स्तर पर समीक्षा की गयी, तो यह बात सामने आयी कि अधिकारियों और ठेकेदारों की लापरवाही से इस योजना में स्वीकृत काम भी समय पर पूरा नहीं हो पाया है.
साथ ही, काम की अवधि बढ़ाने को लेकर ठेकेदार और अधिकारी ने विभाग को कोई सूचना नहीं दी है. इसके बाद सचिव ने निर्देश दिया है कि कैंप लगाकर समय अवधि बढ़ायी जाये और दोषियों पर कार्रवाई की जायेगी.अधिकारियों के मुताबिक मुख्यमंत्री हर घर नल का जल राज्य भर में कुल 8386 ग्राम पंचायतों और एक लाख 14 हजार 691 वार्ड में होना है, जिनमें से पीएचइडी 56,079 वार्डों में हर घर नल का जल पहुंचायेगा. विभाग के लिए निर्धारित 56,079 वार्डों में से 30,497 वार्ड गुणवत्ता प्रभावित हैं, जिनमें से 5085 वार्डों में आर्सेनिक, 3814 वार्डों में फ्लोराइड और 21,598 वार्डों में अधिक आयरन है. जहां काम पूरा करने के लिए अलग से टीम बनायी गयी है.
दोषियों पर होगी कार्रवाई
इन जगहों पर इस तारीख को लगेगा कैंप
20 दिसंबर मुजफ्फरपुर प्रक्षेत्र अंतर्गत सभी प्रमंडल.
21 दिसंबर पटना प्रक्षेत्र अंतर्गत सभी प्रमंडल.
23 दिसंबर भागलपुर प्रक्षेत्र अंतर्गत सभी प्रमंडल.
24 दिसंबर पूर्णिया प्रक्षेत्र अंतर्गत सभी प्रमंडल.
सचिव के निर्देश पर हर घर नल का जल निश्चय योजना को समय पर पूरा करने के लिए मुख्यालय स्तर पर कैंप लगाने का निर्देश दिया गया है. कैंप में काम की अवधि विस्तार करते वक्त यह भी देखा जायेगा कि किस व्यक्ति की लापरवाही से काम पूरा नहीं हो पाया है. अगर ठेकेदार की लापरवाही होगी, तो उससे जुर्माना वसूल करने के बाद काम की अवधि बढ़ायी जायेगी और अधिकारी के कारण ठेकेदार समय से काम पूरा नहीं कर पायेंगे, तो अधिकारी पर विभाग के स्तर पर कार्रवाई की जायेगी.
काम की अवधि का विस्तार किया जायेगा.पीएचइडी सचिव ने योजना की समीक्षा के बाद लिया कैंप लगाने का निर्णय.समीक्षा में यह बात आयी कि अधिकारियों व ठेकेदारों की लापरवाही से इस योजना में स्वीकृत काम भी समय पर पूरा नहीं हो पाया है.
