पटना सिटी : बेटी को डोली में विदा करने की तमन्ना पाले पिता ने सोचा भी नहीं था कि उसी बेटी का दाह-संस्कार उनके हाथों होगा. मगर मंगलवार को यह दुखद पल पिता के जीवन में आया. मुजफ्फरपुर में जिंदा जलायी गयी युवती का मंगलवार देर शाम पटना के गुलबी घाट श्मशान घाट पर दाह संस्कार किया गया. वहां पिता चंद्रिका चौधरी ने गोदी में खेली बेटी को मुखाग्नि दी. पिता ने लाश को मुखाग्नि देते हुए संकल्प लिया कि वो दोषियों को सजा दिला कर रहेंगे क्योंकि बेटी की यही इच्छा थी कि दोषी राजा को फांसी की सजा मिले.
इसके लिए उन्होंने संकल्प लिया. पिता बताते है कि तीन बेटियों की तरह इसे भी बड़े अरमानों से ब्याह कर विदा करने की तमन्ना थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका. इकलौते भाई अमित कुमार व परिजन बताते हैं कि चार बहनों में यह सबसे छोटी थी. भाई में अमित इकलौता है. पुलिस बल की मौजूदगी में परिजनों ने दाह-संस्कार किया. दरअसल शाम को नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद अगमकुआं पुलिस ने लाश परिजनों को सौंप दिया.
