पटना : राजधानी के अलग-अलग मुहल्लों में रहने वाले 15 हजार से अधिक लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं. पीएचइडी के पानी जांच केंद्र की दूसरी रिपोर्ट आठ दिन पहले आयी. इस रिपोर्ट के बाद भी जलापूर्ति शाखा ने ट्रीटमेंट की प्रक्रिया शुरू नहीं किया और न हीं पंप हाउस से पानी के आपूर्ति बंद की है.
निगम अधिकारियों के लचर व्यवस्था की वजह से लगातार तीन पंप हाउस से दूषित पीने के पानी सप्लाइ किया जा रहा है, जिसका खामियाजा लोग भुगत रहे है. हालांकि, जलापूर्ति शाखा के कार्यपालक अभियंता राजबल्लभ साहू ने बताया कि ट्रीटमेंट को लेकर निजी एजेंसी की चयन प्रक्रिया शुरू की गयी है. अगले 10 दिनों में चयन कर लिया जायेगा. इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जायेगी.
पीएचइडी के पानी जांच केंद्र की दूसरी रिपोर्ट आठ दिन पहले आयी
तीन पंपाें का पानी पीने लायक नहीं
सितंबर माह में जलजमाव होने के बाद निगम प्रशासन ने 112 पंप हाउस के पानी जांच कराया, जिसमें 23 पंप के पानी खराब निकला. इस रिपोर्ट के आने के बाद फिर पानी जांच कराया गया. इसमें तीन पंप के खराब निकला, जिसमें चौधरी टोला, टेकारी रोड और कंकड़बाग के डिफेंस कॉलोनी स्थित पंप हाउस शामिल है. इन तीनों पंप से करीब पांच-छह हजार घरों में पीने के पानी पहुंचाया जा रहा है, जो पीने लायक नहीं है.
नहीं शुरू की गयी ट्रीटमेंट की प्रक्रिया : पानी सप्लाइ अति महत्वपूर्ण सुविधाओं में से एक है. इसके बावजूद निगम प्रशासन की ओर से अनदेखी किया जा रहा है. पिछले मंगलवार को पानी जांच केंद्र की दूसरी रिपोर्ट मिली.
लेकिन, आठ दिनों से पंप के ट्रीटमेंट करने के बदले अधिकारी फाइलों में उलझे हुए हैं. चौधरी टोला के रहने वाले राधेश्याम कहते हैं कि सप्लाइ पानी पीना छोड़ दिये हैं. उबालने के बाद पीते हैं. वहीं, डिफेंस कॉलोनी के रहने वाले सुजीत झा ने बताया कि सप्लाइ पानी के ही सहारे रहते हैं.
