एटीएम कार्ड क्लोनिंग के तार फतेहपुर से जुड़े

पटना : एटीएम कार्ड का क्लोन करने के दौरान दीघा के एसबीआइ एटीएम में पकड़े गये जालसाज गुलशन कुमार के तार गया जिले के फतेहपुर से जुड़े हुए हैं. गुलशन फतेहपुर का रहने वाला है. गया का फतेहपुर इलाका पूरे देश में होने वाले एटीएम फ्रॉड का केंद्र रहा है. पटना पुलिस ने सोमवार की […]

पटना : एटीएम कार्ड का क्लोन करने के दौरान दीघा के एसबीआइ एटीएम में पकड़े गये जालसाज गुलशन कुमार के तार गया जिले के फतेहपुर से जुड़े हुए हैं. गुलशन फतेहपुर का रहने वाला है. गया का फतेहपुर इलाका पूरे देश में होने वाले एटीएम फ्रॉड का केंद्र रहा है. पटना पुलिस ने सोमवार की देर रात उसके घर पर छापेमारी कर तीन लाख रुपये बरामद कर लिये. हालांकि गुलशन के पिता टुनटुन सिंह को उसकी गिरफ्तारी की भनक लग चुकी थी और वह फरार हो गया.

घर पर केवल गुलशन की बड़ी बहन थी. पुलिस ने गुलशन के ही गांव के कारू सिंह के आवास पर छापेमारी की. लेकिन, वहां कारू नहीं मिला. कारू को हिमाचल प्रदेश, झारखंड, बिहार, उत्तरप्रदेश, दिल्ली व अन्य राज्यों की टीम कई वर्षों से खोज रही है. सूत्रों का कहना है कि फतेहपुर में कई घरों के युवकों ने इसे धंधे के रूप में अपना रखा है.
यहां कई ग्रुप ऑपरेट हो रहे हैं, जो देश के कोने-कोने में फैले हुए हैं. एक ग्रुप का सरगना गुलशन कुमार है. उस इलाके के कारू को सभी फ्रॉड ग्रुप का मास्टरमाइंड माना जाता है. यह फतेहपुर में एटीएम फ्रॉड का स्कूल चलाता था. लेकिन इसने ठिकाना बदल लिया. पुलिस ने गुलशन के पास से पांच क्लोन किये गये एटीएम कार्ड को बरामद किया है. क्लोन बनाने वाली मशीन व मोबाइल भी जब्त किया है.
पकड़े गये गुलशन ने एटीएम फ्रॉड कर बनायी लाखों की संपत्ति
गुलशन के आवास पर छापेमारी की तो पता चला कि घर का हर कमरा महंगे सामानों से भरा पड़ा था. पुलिस ने जब गुलशन से पूछताछ की, तो उसने कई घटनाओं में संलिप्तता स्वीकार की. उसने बताया कि हर माह वह दो से तीन लाख रुपये बना लेता है. एसबीआइ एटीएम से फरार होने वाले दो अन्य युवकों को वह एटीएम में प्रशिक्षण देने के लिए लाया था. इसी दौरान लोगों की नजर पड़ गयी. इसके बाद गुलशन व एक अन्य बिट्टु को पकड़ लिया गया. बिट्टु रिक्शा चालक है.
कैसे तैयार करते हैं एटीएम कार्ड का क्लोन : जानकारी के मुताबिक एटीएम फ्रॉड करने वाले गिरोह के सदस्य मैग्नेटिक चिप की मदद से एटीएम कार्ड का ब्लू प्रिंट लेते हैं. इसके बाद कार्ड का क्लोन तैयार कर रुपये निकालते हैं.
एटीएम मशीन के कार्ड स्वैपिंग स्लॉट पर एक विशेष मैग्नेटिक डिवाइस लगा दी जाती है. चिप के आकार की यह डिवाइस एटीएम कार्ड के बारकोड व चिप की सारी इंफॉर्मेशन को कॉपी कर लेती है. इस डिवाइस की मदद से जालसाज कार्ड का ब्लूप्रिंट तैयार कर लेते हैं. एटीएम कीपैड को सीपीयू और कार्ड रीडर से जोड़ कर भी एटीएम कार्ड की क्लोनिंग की जाती है. इसके बाद विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर लिया जाता है.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar digital desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >