पटना : श्रम संसाधन विभाग के तहत मजदूरों के निबंधन करने वाले श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी (एलइआे) विभाग के कामकाज से नाराज चल रहे हैं.
सरकार ने असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे 90 लाख मजदूरों के निबंधन की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है. मगर, अब तक मात्र 14 लाख मजदूरों का ही निबंधन हो पाया है. जिन मजदूरों का निबंधन नहीं हो पाया है, उन्हें सरकारी योजना का लाभ नहीं मिल पायेगा. इस मामले में जिम्मेदार श्रम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें कोई सुविधा नहीं दी गयी है. बैठने की जगह के अलावा इंटरनेट की सुविधा भी नहीं है. ऐसे में निबंधन का काम प्रभावित हो रहा है. इसी कारण से पेंशन योजना में 13 लाख लक्ष्य के बाद मात्र एक लाख को मानधन पेंशन योजना से जोड़ा गया है.
खाते में पड़े हैं दो हजार करोड़, 400 को मिला लाभ : श्रम संसाधन विभाग श्रमिकों को स्वास्थ्य लाभ सहित अन्य तरह की दुर्घटना लाभ देता है. इसके लिए विभाग के खाते में दो हजार करोड़ से अधिक रुपये पड़े हैं,लेकिन राज्य में अब तक चार सौ करोड़ ही श्रमिकों के बीच बंट पाया है.मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की समीक्षा बैठक के बाद श्रम संसाधन विभाग के मंत्री ने अधिकारियों ने ब्लॉक स्तर पर निबंधन कार्य को तेज किया है.
