पटना : भवन निर्माण विभाग में कागज पर भवन की मरम्मत करा कर ठेकेदार को लाखों रुपये पेमेंट करने काम मामला सामने आया है़ इस मामले की जांच में कार्यपालक अभियंता, संबंधित विभाग के सहायक और तत्कालीन चीफ इंजीनियर दोषी पाये गये हैं. सभी आरोपितों पर मुकदमा दर्ज कराने की सहमति विधि विभाग ने दे दी है़ अब इन पर प्राथमिकी दर्ज होगी़
इस मामले की जांच रिपोर्ट 2017 में आयी थी, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया था़ लेकिन, विभागीय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी़ इसके बाद लोकायुक्त के स्तर से कार्रवाई का आदेश दिया गया है़ भवन निर्माण विभाग के मधुबनी प्रमंडल के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता रामानंद सिंह ने कागज पर ही चार प्रखंडों में सरकारी भवनों की मरम्मत दिखा दी थी़ साथ ही 15 लाख से अधिक रुपये ठेके लेनेवाली राम जानकी कंस्ट्रक्शन कंपनी को गलत तरीके से पेमेंट कर दिया गया था़
इसके बाद 2008 में इसकी जांच शुरू हुई़ इसमें भवन निर्माण विभाग के तत्कालीन सहायक रामबाबू चौधरी और सुनील कुमार सिन्हा को दोषी माना गया़ साथ ही कार्रवाई नहीं करने में तत्कालीन चीफ इंजीनियर किशोर रंजन सिन्हा, गोपाल कृष्ण और जयराम मल्लिक को भी दोषी पाया गया है. इन पर मामला दर्ज करने का आदेश दिया गया है़
