पटना : स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि बिहार में ढाई लाख नर्सों की कमी को पूरा करने के लिए योजना पर काम चल रहा है. स्वास्थ्य सुविधाओं को सुधारने के लिए स्वास्थ्य शिक्षा पर विशेष ध्यान है. 2024 तक बिहार में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 12 से बढ़ कर 28 हो जायेगी.
वहीं, वर्ष 2020 तक सभी मेडिकल कॉलेजों में 600 से 700 एमबीबीएस की सीटें भी बढ़ जायेंगी. इसके लिए एमसीआइटी की टीम सभी कॉलेजों का निरीक्षण कर रही है. वे सोमवार को रवींद्र भवन में आंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन के नर्सिंग और पारा-मेडिकल के एकेडमिक सत्र 2019-20 के उद्घाटन के मुख्य अतिथि थे.
उन्होंने कहा कि सूबे में पांच नये फॉर्मेसी कॉलेजों को खोलने की स्वीकृति मिल गयी है. आने वाले समय में 10 से 12 सरकारी व निजी फार्मेसी कॉलेज राज्य में खुलेंगे. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि नर्सिंग व पारा-मेडिकल में आंबेडकर इंस्टीट्यूट काफी बेहतर काम कर रहा है. नर्सिंग की पढ़ाई के लिए पहले 127 निजी और सरकारी कॉलेज थे.
अब इसकी संख्या 263 हो गयी है. एमएससी नर्सिंग की पढ़ाई अब सभी मेडिकल कॉलेजों में करायी जायेगी. मौके पर आइएमए के अध्यक्ष डॉ बिमल कुमार कारक, टूल्स रूम एंड ट्रेनिंग सेंटर के डायरेक्टर डीके सिंह, बीएनआरसी के पूर्व चेयरमैन डॉ आरडी रंजन, रजिस्ट्रार स्मृति रेखा आदि मौजूद थे.
