सुबोध कुमार नंदन, पटना : सूबे के 20 हजार से अधिक संविदा सफाईकर्मी व अन्य कर्मी कर्मचारी राज्य बीमा निगम (इएसआइसी) की सामाजिक सुरक्षा व चिकित्सा सुविधाओं से वंचित हैं. जबकि श्रम संसाधन विभाग की ओर से 31 मई, 2019 को एक अधिसूचना जारी कर 38 जिलों के नगर निगम, नगरपालिका और नगर पर्षद के प्रमुख को सफाई व अन्य कर्मचारियों का इएसआइसी में निबंधन कराने का निर्देश जारी किया था. लेकिन, अब तक किसी भी जिले में एक भी सफाई कर्मचारियों तथा अन्य का निबंधन नहीं कराया है.
20 हजार संविदा सफाईकर्मी सुविधा से वंचित
सुबोध कुमार नंदन, पटना : सूबे के 20 हजार से अधिक संविदा सफाईकर्मी व अन्य कर्मी कर्मचारी राज्य बीमा निगम (इएसआइसी) की सामाजिक सुरक्षा व चिकित्सा सुविधाओं से वंचित हैं. जबकि श्रम संसाधन विभाग की ओर से 31 मई, 2019 को एक अधिसूचना जारी कर 38 जिलों के नगर निगम, नगरपालिका और नगर पर्षद के […]

किसी भी जिले के सफाईकर्मियों को निबंधित नहीं कराया गया है
अाधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 31 मई, 2019 को श्रम संसाधन विभाग की ओर से एक अधिसूचना जारी की गयी है. इसमें राज्य के 16 जिलों पटना, गया, दरभंगा, समस्तीपुर, बेगूसराय, कटिहार, भागलपुर, नालंदा, वैशाली, मुजफ्फरपुर, छपरा, मुंगेर, रोहतास, बक्सर, सीतामढ़ी तथा भोजपुर के नगर निगमों, नगरपालिकाएं, नगर पर्षद तथा अन्य स्थानीय निकाय शामिल हैं.
लेकिन अधिसूचना जारी होने के बाद अब तक किसी भी जिले के सफाईकर्मियों को निबंधित नहीं कराया गया है. इसके बाद श्रम संसाधन विभाग ने शेष बचे 22 जिले के नगर निगम, नगरपालिका या नगर पर्षद को सफाई कर्मचारियों तथा अन्य कर्मचारियों का निबंधन कराने के लिए सितंबर-2019 में अधिसूचना जारी की.
दूसरी अधिसूचना के बाद भी बीते तीन माह
दूसरी अधिसूचना के तीन माह बीत जाने के बावजूद एक भी सफाई कर्मचारियों का इएसआइसी में निबंधन नहीं कराया गया है. मिली जानकारी के अनुसार श्रम संसाधन विभाग ने यह अधिसूचना केंद्र सरकार की अनुमति के बाद जारी की थी.
इएसआइसी से निबंधन नहीं होने के कारण संविदा पर काम करने वाले 20 हजार से अधिक सफाई व अन्य कर्मचारी सामाजिक सुरक्षा व चिकित्सा के लाभ से वंचित हैं. पटना में तीन हजार से अधिक सफाई व अन्य हैं.
स्थानीय निकाय के प्रमुख को कई बार पत्र लिख कर संविदा और ठेके पर काम करने वाले सफाई व अन्य कर्मचारियों का निबंधन कराने का अनुरोध कर चुके हैं, लेकिन कहीं से सकारात्मक जवाब नहीं मिला है.-अरविंद कुमार, क्षेत्रीय निदेशक, इएसआइसी