पटना : सभी यूनिवर्सिटियों और कॉलेजों को हर हाल में 2022 तक नैक से एक्रिडिएशन हासिल कर लेना होगा. नैक से मूल्यांकन नहीं होने पर रुसा के साथ कई अनुदान कॉलेजों और यूनिवर्सिटी को नहीं मिलेगा. इसके साथ जिनका टाइम पूरा हो गया है या अगले एक साल में सर्किल पूरा होने वाला है, उन्हें भी लगातार मूल्यांकन में बने रहना जरूरी है.
2022 तक हर हाल में नैक मूल्यांकन करना होगा, नहीं तो उन्हें यूजीसी ब्लैक लिस्ट कर देगा. इसके साथ यूजीसी से मिलने वाले सभी अनुदान को भी रोक दिया जायेगा. इसके साथ राज्य सरकार को भी पत्र लिख कर अनुदान और सहयोग बंद करने के लिए यूजीसी पत्र लिखेगा. लगातार मूल्यांकन नहीं कराने पर संबंधित संस्थान की मान्यता भी प्रभावित हो सकती है. अत: सभी कॉलेजों के लिए नैक मूल्यांकन करना अनिवार्य है.
नैक के नए नियम, क्राइटेरिया और उससे जुड़ी अन्य बातों की विस्तार से जानकारी भी दी जायेगा. निजी यूनिवर्सिटियों के साथ डिस्टेंस मोड में चलने वाले यूनिवर्सिटियों को भी नैक से मूल्यांकन कराना जरूरी है.
नैक से ग्रेड नहीं होने पर मान्यता पर भी संकट
यूजीसी ने कहा है कि कई कोशिशों के बाद भी कई उच्च शिक्षण संस्थानों ने नैक एक्रिडिटेशन से नहीं प्राप्त कर पाया है. अभी भी 330 से अधिक यूनिवर्सिटियों व कॉलेजों को अभी भी नैक एक्रिडिटेशन हासिल करना होगा. यूनिवर्सिटियों और कॉलेजों के पास 2022 के बाद नैक एक्रिडिटेशन नहीं होने पर मान्यता पर भी संकट खड़ी हो सकती है.
निजी यूनिवर्सिटी पर भी लगाम कसी गयी है. उच्च शिक्षण संस्थानों को नैक एक्रिडिटेशन से जोड़ने के लिए 167 संस्थानों को मेंटर इंस्टीट्यूशन के लिए भी चयनित किया गया है. इसके साथ जो नैक से बेहतर ग्रेड हासिल कर चुके हैं वहां से भी कॉलेज और यूनिवर्सिटी जानकारी ले सकते हैं. केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार के मकसद से सभी विश्वविद्यालयों व कॉलेजों को नैक एक्रिडिटेशन अनिवार्य किया है.
