पटना : पटना हाइकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजय करोल ने कहा है कि न्यायपालिका से जुड़े सभी लोग एक परिवार के सदस्य के सामान हैं. चाहे वे जज हों, वकील या कर्मी, सभी को मिल कर बिहार को नंबर वन बनाने की दिशा में काम करने की जरूरत है. सभी संविधान से बंधे हुए है.
संविधान का सम्मान करते हुए ईमानदारी से काम किया जाना चाहिए . संविधान में हमें बहुत कुछ अधिकार मिला है. बिहार राज्य बार काउंसिल भवन के ब्रज किशोर मेमोरियल हाल में आयोजित संविधान दिवस के अवसर पर उन्होंने कहा कि न्यायपालिका में विश्वास तथा आस्था सबसे बड़ी चीज है. इसे बरकरार रखने की जरूरत है. यहां के लोग ईमानदारी से काम किया करते है.
न्यायपालिका में जो भी परिवर्तन हुआ है सभी के सहयोग से ही संभव हो सका है. बगैर सहयोग के कुछ भी नहीं हो सकता. उन्होंने बिहार के बारे में कहा कि देश के आजादी में बिहार और देश के अधिवक्ताओं का योगदान कोई भूल नहीं सकता. चाहे वह आजादी की लड़ाई हो या आपातकालीन के दौरान की लड़ाई हो. वकील हमेशा से ही अग्रणी रहे है.
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि मुझे इस बात की खुशी है हम उस राज्य के मुख्य न्यायाधीश हैं जिस राज्य ने देश के प्रथम राष्ट्रपति और संविधान नर्मिाता डॉ राजेंद्र प्रसाद जैसे महान लोगों को दिया है. प्रयास यह होना चाहिए कि संविधान और कानून के दायरे में रहकर समाज के निचले तबके के लोगों को सुलभ, सस्ता और त्वरित न्याय मिले . और इसके लिए मेरा प्रयास जारी है और आगे भी जारी रहेगा.
