विभिन्न संगठनों का धरना. जुलूस को विधानसभा की तरफ जाने से रोका
पटना : बिहार राज्य आशा संघ ने सोमवार को अपनी 12 सूत्री मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया. आशा संघ विधानसभा का घेराव करना चाहता था. इसके लिए गर्दनीबाग स्टेडियम से जुलूस निकालकर विधानसभा गेट की तरफ आशा संघ बढ़ रहा था, लेकिन पुलिस बल ने रास्ते में ही रोका लिया गया. यहां पर पुलिस के साथ आशा संघ की नोक-झोंक हुई.
जब उन्हें बलपूर्वक आगे बढ़ने से रोक लिया गया, तो संघ के लोग गुस्से में आ गये. आशा संघ की सैकड़ों महिलाओं ने चूड़ी दिखा कर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया. करीब एक घंटे तक प्रदर्शन और नारेबाजी होती रही. फिर आशा संघ के लोग धरना स्थल पर बैठ कर सभा करने लगे. संघ के महासचिव कौशल कुमार वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार आंध्र प्रदेश के तर्ज मानदेय 10 हजार रुपये करें, नहीं तो सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन होगा.
बिहार एटक के के उपाध्यक्ष डीपी यादव ने कहा कि केंद्र सरकार के खिलाफ आठ जनवरी को राष्ट्रव्यापी हड़ताल हाेगी. भाकपा के राज्य सचिव सत्यनारायण सिंह ने कहा केंद्र सरकार, राज्य सरकार मांगों पर विचार करे. सभा के दौरान अपना मांग पत्र आशा संघ ने मजिस्ट्रेट को सौंपा इसके बाद प्रदर्शन को समाप्त किया गया.
ये हैं मुख्य मांगें
आशा संघ ने 12 सूत्री मांग को लेकर प्रदर्शन किया. इसमें आशा एवं आशा फैसलेटर को स्थायी कर्मचारी का दर्जा, हड़ताल के समय रेलवे प्रशासन या राज्य सरकार द्वारा एफआइआर को वापस हो, आशा व आशा फैसलेटर के लिए सेवा पुस्तिका बने, योजनाओं की राशि भुगतान करने में लिये जा रहे अवैध पैसे पर रोक लगे, पांच लाख रुपये का बीमा हो, बकाया मानदेय की राशि दो हजार रुपये का तत्काल भुगतान हो,
नर्सिंग ट्रेनिंग के लिए नर्सिंग स्कूल में 50% सीट आशा के लिए आरक्षित हो, योग्यताधारी आशा को प्रखंड सामुदायक के पदों पर नियुक्त किया जाये, आशा को सभी प्रकार के छुट्टी जैसे चिकित्सा भत्ता, सामाजिक सुरक्षा एवं अन्य सुविधा दिया जाये, आशा को रहने के लिए हॉल की व्यवस्था की जाये.
