पुरानी टैक्स प्रणाली के बकायेदारों को मिल सकता है वन टाइम सेटलमेंट स्कीम का लाभ

पटना : राज्य में एक जुलाई, 2017 से लागू हुई नयी कर प्रणाली जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) के पहले वैट, मनोरंजन कर समेत अन्य पुरानी कर प्रणाली में बड़ी संख्या में व्यापारियों के पास सरकार के रुपये फंसे हुए हैं. पुराने टैक्स का सेटलमेंट करने के लिए राज्य सरकार ने विधानमंडल के चालू सत्र […]

पटना : राज्य में एक जुलाई, 2017 से लागू हुई नयी कर प्रणाली जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स) के पहले वैट, मनोरंजन कर समेत अन्य पुरानी कर प्रणाली में बड़ी संख्या में व्यापारियों के पास सरकार के रुपये फंसे हुए हैं. पुराने टैक्स का सेटलमेंट करने के लिए राज्य सरकार ने विधानमंडल के चालू सत्र में ‘बिहार कराधान विवाद समाधान विधेयक-2019’ पेश किया है. इसके तहत पुरानी टैक्स प्रणाली के बकायेदारों के साथ राज्य सरकार वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लेकर आयी है.

इसमें जुर्माना, मुकदमा, नोटिस समेत ऐसी तमाम कानूनी उलझनों से अलग हटकर बकाये का समाधान करने की व्यवस्था की गयी है. इस योजना को फिलहाल तीन महीने के लिए लाया गया है. जरूरत पड़ने पर इसका विस्तार अगले तीन महीने तक के लिए किया जा सकता है. जानकारी के अनुसार, राज्यÂ बाकी पेज 15 पर

पुराने टैक्स प्रणाली

सरकार का पुरानी टैक्स प्रणाली में करीब ढाई हजार करोड़ रुपये फंसे हुए हैं. इनकी उगाही बिना कोर्ट गये सरल तरीके से करने के लिए यह विधेयक लाया गया है.

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