पटना : विधानसभा के शुक्रवार से आरंभ हो रहे शीतकालीन सत्र में सदस्यों द्वारा विभिन्न विभागों को पूछे गये 368 तारांकित प्रश्नों की सूची भेजी गयी है.
इनमें से विधानसभा सचिवालय को सिर्फ 12 प्रश्नों का ही ऑनलाइन जवाब मिला है. इसमें सिर्फ पथ निर्माण विभाग द्वारा 11 प्रश्नों का जवाब भेजा गया है. इसको लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने नाराजगी व्यक्त की और अपर मुख्य सचिव को इसकी मॉनीटरिंग का निर्देश दिया.
विभाग के नोडल पदाधिकारियों की उदासीन रवैया पर हैरत जताते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें कड़ी हिदायत दी कि वे सब इस कार्य को अति गंभीरता एवं संवेदनशीलता से जिम्मेदारीपूर्वक करें जिससे प्रश्नों का निस्तारण तेजी से हो. बैठक में विधान परिषद के कार्यकारी सभापति हारुण रसीद, संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार व विधानसभा के सचिव बटेश्वर नाथ पांडेय, विधान परिषद के कार्यकारी सचिव विनोद कुमार , गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, अपर मुख्य सचिव सुधीर कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पांडेय, एडीजी मुख्यालय नैयर हसनैन खान, पटना के जिलाधिकारी कुमार रवि और पटना की एसएसपी गरिमा मल्लिक मौजूद थे. इधर, सुरक्षा को लेकर मॉक ड्रील का आयोजन किया गया.
सत्र संचालन में सर्वदलीय नेताओं ने सहयोग की दी सहमति
विधानसभा के शीतकालीन सत्र को लेकर बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने सभी दलीय नेताओं के साथ बैठक आयोजित की. इस बैठक में उपस्थित सभी दलीय नेताओं ने सदन के सुचारु एवं सुव्यवस्थित संचालन में सर्वसम्मति से सहमति दी. बैठक में उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, ऊर्जा तथा उत्पादन एवं मद्य निषेध मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार, सत्तारूढ़ दल के उपमुख्य सचेतक अरुण कुमार सिन्हा, मुख्य विरोधी दल के मुख्य सचेतक ललित कुमार यादव, राजद के अब्दुल बारी सिद्दीकी, कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता सदानंद सिंह, लोजपा के राजू तिवारी व वाम दल के नेता महबूब आलम और विधानसभा के सचिव बटेश्वर नाथ पांडेय मौजूद थे.
