डीजल महंगा, रोज लाखों का नुकसान

सुबोध कुमार नंदन, पटना :प्रदेश में डीजल महंगा होने से बिहार सरकार को हर दिन लाखों का नुकसान हो रहा है. साथ ही राज्य के सीमावर्ती इलाके के पेट्रोल पंपों पर डीजल की बिक्री में 60% से अधिक की कमी आयी है. सीमावर्ती इलाके के आसपास 100 से अधिक पेट्रोल पंप हैं. इससे पेट्रोल पंप […]

सुबोध कुमार नंदन, पटना :प्रदेश में डीजल महंगा होने से बिहार सरकार को हर दिन लाखों का नुकसान हो रहा है. साथ ही राज्य के सीमावर्ती इलाके के पेट्रोल पंपों पर डीजल की बिक्री में 60% से अधिक की कमी आयी है. सीमावर्ती इलाके के आसपास 100 से अधिक पेट्रोल पंप हैं.

इससे पेट्रोल पंप के संचालक व तीनों सार्वजनिक कंपनियों इंडियन आॅयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम व भारत पेट्रोलियम कंपनी परेशान हैं. जानकारी के अनुसार बिहार की तुलना में यूपी में डीजल लगभग आठ रुपये व झारखंड में पांच रुपये प्रति लीटर सस्ता है. इसके कारण बिहार आने वाली ट्रक-बस यूपी सीमा पर ही वाहनों में डीजल भरा लेते हैं.
वैट बढ़ने का दिख रहा असर
जानकारों की मानें तो 24 अक्तूबर को पेट्रोल व डीजल पर राज्य सरकार ने वैट चार फीसदी बढ़ाया था. इसके बाद डीजल पर वैट 15%से बढ़ कर 19% हो गया है. राज्य कैबिनेट ने पेट्रोलियम पर बेस प्राइस के अनुसार वैट की दरें तय की हैं.
इसके बाद बिहार में डीजल 2.31 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है. इसके कारण चालक बिहार की सीमा में प्रवेश करने से पहले ही टंकी फुल करवा ले रहे हैं. वैट बढ़ने से पहले इन पेट्रोल पंपों पर 6000-7000 लीटर प्रति दिन डीजल की बिक्री थी, लेकिन वैट बढ़ने से 2000-3000 लीटर पा आ गयी है.
वैट कम करना जरूरी
पड़ोसी राज्यों की तुलना में वैट ज्यादा है. इस चालक सूबे में प्रवेश करने से पहले वाहनों में डीजल फुल करवा लेते हैं. इसके कारण बिहार में डीजल की बिक्री में 60 फीसदी से अधिक गिरावट दर्ज की गयी है. इसे देखते हुए राज्य सरकार तत्काल डीजल पर लगने वाला वैट कम करे.
अजय कुमार, महासचिव, पटना पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन

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